रोहतक: हरियाणा के खिलाड़ी खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इसके पीछे उनकी मेहनत के साथ सरकार की खेल नीति को भी अहम माना जा रहा है। महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर देना और उनकी प्रतिभा को सम्मानित करना जरूरी है।
मंत्री श्रुति चौधरी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में आयोजित 20वीं राष्ट्रीय फ्लोरबॉल चैंपियनशिप-2026 के समापन समारोह में पहुंचीं। यहां उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और हरियाणा की खेल नीति की उपलब्धियों का जिक्र किया।
उन्होंने एशियन गेम्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत ने कुल 85 पदक जीते थे। इनमें से 22 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों के खाते में आए। खास बात यह रही कि इन 22 पदकों में 14 स्वर्ण पदक शामिल थे। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रदेश में खेलों को मिल रहे प्रोत्साहन का परिणाम बताया।
खिलाड़ियों को नौकरी और इनाम के अवसर
श्रुति चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। वहीं, ‘पदक लाओ-पद पाओ’ योजना के तहत खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी पाने के अवसर भी मिलते हैं। आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर दिखा खिलाड़ियों का उत्साह
एमडीयू में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय फ्लोरबॉल चैंपियनशिप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई टीमों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह के दौरान मंत्री ने हरियाणा और मध्य प्रदेश की टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में खेलों के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया। मंत्री ने नशा मुक्त अभियान के तहत जागरूकता बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया।
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