चंडीगढ़। हरियाणा में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को प्रदेश में बारिश सीमित रहने के बाद गर्मी का असर बढ़ गया। मौसम विभाग ने बुधवार को केवल अंबाला और यमुनानगर के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। बारिश की कमी के बीच प्रदेश के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा दर्ज किया गया।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
हिसार में सबसे ज्यादा गर्मी
बारिश कम होने और धूप तेज रहने से प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। मंगलवार को हिसार 36.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। महेंद्रगढ़ में 35.9°C, भिवानी और सिरसा में 35.5°C तथा अंबाला में 35.4°C तापमान दर्ज किया गया।
रात के तापमान में भी औसतन 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई, हालांकि यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। यमुनानगर में न्यूनतम तापमान 23.4°C रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। अंबाला में 25.3°C, हिसार में 25°C, करनाल में 24.6°C और नारनौल में 24.5°C न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
मानसून की बारिश में बड़ा अंतर
1 जून से 15 सितंबर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई जिले बारिश की कमी से प्रभावित हैं।
जींद में सामान्य से 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यहां अब तक सिर्फ 145.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सिरसा में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां सामान्य से 58 प्रतिशत कम यानी 88.1 मिमी बारिश हुई।
कैथल और रोहतक में बारिश की कमी 48 प्रतिशत रही। कुरुक्षेत्र और करनाल में 41 प्रतिशत, अंबाला में 40 प्रतिशत, हिसार में 37 प्रतिशत, पानीपत में 36 प्रतिशत और सोनीपत में 31 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
पलवल में सामान्य से ज्यादा बारिश
जहां कई जिलों में बारिश का इंतजार बना हुआ है, वहीं पलवल में मानसून का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां सामान्य से 21 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। जिले में अब तक 473.4 मिमी बारिश हो चुकी है।
इस तरह प्रदेश में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं है। एक तरफ कुछ जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक पानी बरसा है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां किस तरह रहती हैं, इससे तापमान और बारिश की कमी की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
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