रांची . रांची में मंगलवार को हुई महज डेढ़ घंटे की बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं, नालियां उफान पर आ गईं और कई इलाकों में घरों-दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद राजधानी रांची के कई हिस्सों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बन गई। शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और जगह-जगह नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।

हलधर प्रेस गली में करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में डूब गए। कई निचले इलाकों में घरों में पानी घुसने से लोगों को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा और कई परिवारों ने ऊपरी मंजिलों में शरण ली।

रांची रेलवे स्टेशन के आसपास, करमटोली चौक, जेल पार्क रोड और कांके रोड पर भी जलजमाव के कारण राहगीरों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ओवरब्रिज के नीचे गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध फैल गई, जबकि सेवा सदन पथ पर नाली का पानी दुकानों में घुसने से व्यापारियों को नुकसान हुआ।

सिरमटोली सर्विस लेन बनी मुसीबत

निर्माणाधीन कनेक्टिंग फ्लाईओवर के नीचे सिरमटोली स्थित सर्विस लेन में भी भारी जलभराव हो गया। सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से दोपहिया और तीनपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान रहे। कई वाहन गड्ढों में फंसते रहे और लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ा।

कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे फंसे वाहन

कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे नयाटोली के पास करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया। कई वाहनों के साइलेंसर में पानी भर जाने से वे बीच सड़क पर बंद हो गए। मजबूरन वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां धक्का देकर निकालनी पड़ीं।

चुनवाटोली में घरों में घुसा पानी

चुनवाटोली इलाके के कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। लोग लगातार पानी निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज जलभराव के कारण पानी का स्तर कम होने के बजाय बढ़ता ही गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

बारिश के बाद एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हर साल मानसून में जलजमाव की समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।