कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को एक अजीबोगरीब और अफरा-तफरी भरा माहौल देखने को मिला। नशे की हालत में पहुंचे एक मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्ति ने अस्पताल के अंदर जमकर हंगामा किया, तोड़फोड़ की और अपना ही हाथ काटने की कोशिश की। समय रहते अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और डायल 112 की टीम ने स्थिति पर काबू पा लिया, जिससे किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया।

​डायल 112 ने बेहोशी की हालत में कराया था भर्ती

​मिली जानकारी के अनुसार, डायल 112 की मोबाइल पुलिस टीम को स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि हेड पोस्ट ऑफिस के पास एक व्यक्ति बेहोशी और नशे की हालत में पड़ा हुआ है और संदिग्ध हरकतें कर रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे उठाया और इलाज के लिए मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल के ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बिना देर किए उसका इलाज शुरू कर दिया।

​इंजेक्शन लगते ही भड़का

​जैसे ही डॉक्टर ने उस व्यक्ति को इलाज के दौरान इंजेक्शन दिया, वह अचानक भड़क उठा और वार्ड में चीखने-चिल्लाने लगा। उसने अस्पताल के बेड को तोड़ना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जब दरवाजा बंद किया, तो उसने गुस्से में आकर दरवाजे पर लगे शीशे को भी चकनाचूर कर दिया। हालात बिगड़ते देख रात्रि ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा गार्डों ने तुरंत मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू में करके बेड से बांध दिया, जिसके बाद उसका आगे का इलाज किया गया।

​चकिया का रहने वाला है दीपक तिवारी

​हंगामा शांत होने के बाद और कुछ होश में आने पर उस व्यक्ति ने बेतुकी बातें शुरू कर दीं। उसने वहां मौजूद लोगों से कहा, मैं तुम्हारा श्राद्धकर्म कराऊंगा। उसने यह भी दावा किया कि वह किसी जजमान के यहां से लौट रहा था और उसके पास पैसे व पूजा-सामग्री थी।
​इसी दौरान मौके पर मौजूद एक युवक ने बताया कि यही व्यक्ति कुछ देर पहले रेलवे स्टेशन पर भी हंगामा कर रहा था और उसने अपना सारा सामान व रुपये वहीं फेंक दिए थे। गनीमत रही कि जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने उसका सारा सामान और नकदी सुरक्षित अपने पास रख ली थी। डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी प्रकाश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने उसे उठाया था, तब उसके पास कोई नकदी नहीं थी और वह पूरी तरह बेहोश था।

​परिजनों ने मांगी माफी और जीआरपी थाना ले गए

​सूचना मिलने पर परिजन तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति का नाम दीपक तिवारी है, जो पूर्वी चंपारण जिले के चकिया का रहने वाला है और पेशे से पूजा-पाठ कराता है। वह मानसिक रूप से कुछ अस्वस्थ चल रहा है।
​परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और वहां मौजूद सभी लोगों से उसके इस व्यव्हार के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद, परिजन उसे मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाकर जीआरपी थाने ले गए, ताकि वहां सुरक्षित रखे गए उसके रुपये और सामान को वापस प्राप्त किया जा सके।