कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले के कांति थाना क्षेत्र अंतर्गत सरदारपुर इलाके में खड़े एक ट्रक में अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही आसमान में धुआं और शोले दिखाई दे रहे थे। स्थानीय लोगों ने जब ट्रक को आग की चपेट में देखा, तो इलाके में भारी अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक अधिकांश ट्रक जलकर खाक हो चुका था।
अनुमंडल फायर ब्रिगेड ऑफिसर रामनिवास पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सरदारपुर में जिस ट्रक में आग लगी थी, वह कबाड़ से संबंधित था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। हालांकि, आग की तीव्रता काफी अधिक थी, लेकिन हमारी टीम ने समय रहते पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया और आग को फैलने से रोक दिया।

दरभंगा रोड हाईवे पर एसकेएमसीएच के पास टला बड़ा हादसा
दूसरी घटना मुजफ्फरपुर के मुख्य मार्ग यानी दरभंगा रोड हाईवे पर स्थित श्री कृष्णा सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के समीप घटी। यहां पश्चिम बंगाल (वेस्ट बंगाल) रजिस्ट्रेशन नंबर वाले एक भारी ट्रक के केबिन में अचानक आग लग गई। रात के सन्नाटे में अचानक ट्रक से धुआं निकलता देख राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
गनीमत यह रही कि स्थानीय जागरूक लोगों ने तुरंत सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना देर किए फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन को इस दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल वाहन पलक झपकते ही घटनास्थल पर पहुंच गया। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने अत्यधिक तत्परता दिखाते हुए पानी की बौछार कर तुरंत आग पर काबू पा लिया।
इस घटना में राहत की बात यह रही कि आग केवल ट्रक के केबिन तक ही सीमित थी और समय रहते बुझा लिए जाने के कारण पूरा ट्रक जलने से सुरक्षित बच गया। यदि दमकल टीम थोड़ी और देर करती, तो हाईवे पर बड़ा अनर्थ हो सकता था क्योंकि ट्रक में अन्य सामान भी मौजूद हो सकता था।
स्थानीय लोगों में दहशत और प्रशासन की मुस्तैदी
एक ही रात में मुजफ्फरपुर शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में ट्रकों में आग लगने की इन दोनों घटनाओं ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया। अचानक हुई इस प्रकार की आगजनी से सड़कों के आसपास रहने वाले लोग बुरी तरह सहम गए थे। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया है। कई लोग तो अपने वाहनों और घरों को छोड़कर सुरक्षित दूरी पर चले गए थे।
इन दोनों ही मामलों में अनुमंडल फायर ब्रिगेड ऑफिसर रामनिवास पांडे और उनकी पूरी टीम की कार्रवाई, सूझबूझ और तत्परता ने यह साबित कर दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दमकल कर्मियों के समय पर पहुंच जाने के कारण किसी भी प्रकार की बड़ी जनहानि या अन्य गंभीर दुर्घटना होने से बाल-बाल बचाव हो गया। पुलिस अब दोनों मामलों की अपने स्तर पर तकनीकी और स्थानीय कारणों की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

