हिसार । बरवाला क्षेत्र में 41 साल पुराना मामला फिर चर्चा में है। पुलिस ने इस मामले में 76 वर्षीय पूर्व सरपंच शिवलाल को गिरफ्तार किया है।
मामला राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी से जुड़ा है। आरोप फर्जी दस्तावेज तैयार करने के भी हैं। केस वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 8 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक शिकायत देवी दयाल सिंगला ने दी थी। शिकायत उनके पिता कुलवंत राय की जमीन से जुड़ी थी। आरोप है कि वर्ष 1985 में करीब 28 एकड़ जमीन की गिरदावरी में बदलाव किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन का रिकॉर्ड पंचायत के नाम कर दिया गया। तत्कालीन सरपंच शिवलाल समेत कुछ अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए थे। शिकायत में जमीन पर कब्जे की साजिश का आरोप भी था।
जांच में वर्ष 1985 के कुछ राजस्व रिकॉर्ड सामने आए। इनमें 14 अक्टूबर 1985 के एक कथित आदेश और प्रस्ताव का जिक्र था। इसके आधार पर रोजनामचा की रपट संख्या 49-50 का इस्तेमाल हुआ था।
इसी आधार पर कुलवंत राय के नाम दर्ज गिरदावरी पंचायत के नाम दुरुस्त की गई थी। लेकिन जांच के दौरान एक अहम बात सामने आई। संबंधित मूल प्रस्ताव और कथित आदेश का मूल रिकॉर्ड नहीं मिला।
यहीं से पुराने मामले की जांच दोबारा आगे बढ़ी। वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने केस बंद करने की रिपोर्ट तैयार की थी।
इसके बाद जमीन से जुड़े दीवानी मुकदमे में शिकायतकर्ता पक्ष के हक में फैसला आया। यह फैसला 22 जनवरी 2026 को हुआ। इसके बाद 18 अप्रैल को मामले की आगे जांच के आदेश दिए गए।
पुलिस ने इसके बाद राजस्व और पंचायत विभाग से रिकॉर्ड जुटाने शुरू किए। कुछ दस्तावेज अभी और हासिल किए जाने हैं। जांच अधिकारी एसआई चांदीराम ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी है। जांच अभी जारी है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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