इमरान खान, खंडवा। देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और इसकी शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने कई कैंडिडेट की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बात करे खंडवा संसदीय क्षेत्र से ज्ञानेश्वर पाटिल पर ही बीजेपी के केंद्रीय संगठन ने एक बार फिर से भरोसा जताते हुए दुबारा अपना प्रत्याशी बनाया है। हालांकि लिस्ट जारी करने में एक बार फिर से कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तरह ही पिछड़ती दिखाई दे रही है। वहीं क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव का नाम लगातार चर्चाओं में है।

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खंडवा से लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के प्रत्याशी और मौजूदा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रविवार से ही अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी। खंडवा रेल्वे स्टेशन शहर के विभिन्न मार्गों से शक्ति प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली तो वहीं इसके ठीक उलट कांग्रेस अभी भी खंडवा संसदीय क्षेत्र के लिए योग्य प्रत्याशी की तलाश में लगी हुई है।

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खंडवा की 8 में से 7 विधानसभा पर BJP का कब्जा

खंडवा लोकसभा में आठ विधानसभा आती है। जहां करीब 20 लाख वोटरों वाला खंडवा संसदीय क्षेत्र चार जिलों की सीमाओं को समेटे हुए हैं। जिसमें बीजेपी का प्रभुत्व बना हुआ है। खंडवा संसदीय क्षेत्र में खंडवा जिले से खंडवा, पंधाना और मांधाता विधानसभाएं आती हैं। जहां बीजेपी का कब्जा बना हुआ है। इधर इसी लोकसभा क्षेत्र के देवास जिले की बागली विधानसभा में भी भाजपा ही कब्जा है। इसके साथ ही बुरहानपुर जिले की नेपानगर और बुरहानपुर विधानसभा में भी भाजपा का ही कब्जा है। खरगोन जिले की बड़वाह विधानसभा में भी बीजेपी का कब्जा है। वहीं खरगोन जिले के भीकनगांव विधानसभा लगातार कांग्रेस का गढ़ रही है, जिसमें अभी भी कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी का कब्जा है।

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खंडवा संसदीय क्षेत्र के जातिगत समीकरणों में से यहां की चार विधानसभा सीट बागली, पंधाना, नेपानगर और भीकनगांव आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं तो वहीं शेष चार विधानसभा क्षेत्रों में क्रमशः गुर्जर, राजपूत, मुस्लिम और ब्राह्मण जातियों का दबदबा रहा है।

खंडवा से 14 बार बुरहानपुर और 3 बार खरगोन को मिला प्रतिनिधित्व

इस लोकसभा सीट की खास बात यह है कि खंडवा संसदीय क्षेत्र में आने वाली चार जिलों की सीमाओं के बावजूद यहां से भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा का प्रतिनिधित्व बुरहानपुर और खरगोन जिले से आने वाले प्रत्याशियों को मिलता रहा है। इस सीट पर होने जा रहे 2024 के लोकसभा चुनाव में से 14 बार बीजेपी ने बुरहानपुर से आने वाले प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी है। वहीं कांग्रेस ने तीन बार खरगोन से आने वाले प्रत्याशी अरुण यादव को प्राथमिकता दी है। खंडवा से प्रतिनिधित्व करने वाले नेता की संख्या काफी कम ही रही है।

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82 हजार वोटों से उपचुनाव हारी थी कांग्रेस

खंडवा लोकसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और लगातार छह बार के बीजेपी के संसदीय प्रत्याशी नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद खाली हुई थी। जिस पर 2021 में हुए उपचुनाव में मौजूदा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस के राजनारायण सिंह को करीब 82000 से अधिक वोटों से हराया था। जिसके बाद एक बार फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के केंद्रीय संगठन ने ज्ञानेश्वर पाटिल पर ही दोबारा भरोसा जताया है।

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