राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके से नाबालिग घरेलू सहायिका के साथ अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। अबुल फजल एन्क्लेव-2 स्थित एक मकान से पुलिस ने 16 वर्षीय किशोरी को मुक्त कराया है। आरोप है कि किशोरी से करीब एक साल से घरेलू काम कराया जा रहा था और उसे उसके माता-पिता से दूर रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग से कथित तौर पर रोजाना करीब 20 घंटे तक काम कराया जाता था। इतना ही नहीं, उसे गर्म प्रेस और चाकू से बार-बार दागने का भी आरोप है। आरोप है कि कई-कई दिनों तक उसे खाना तक नहीं दिया जाता था। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे घर से सुरक्षित बाहर निकाला।

एनजीओ की शिकायत पर हुआ खुलासा

पुलिस ने बताया कि यह मामला बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी ऐक्शन’ की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत मिलने के बाद कालकाजी के एसडीएम के निर्देश पर 3 और 4 नवंबर को संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और एनजीओ के प्रतिनिधि शामिल थे। संयुक्त टीम ने अबुल फजल एन्क्लेव-2 स्थित मकान से किशोरी को सुरक्षित मुक्त कराया।

पुलिस के मुताबिक, बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी ऐक्शन की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ। कालकाजी के एसडीएम के निर्देश पर 3 और 4 नवंबर को श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और एनजीओ के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान श्रम विहार झुग्गी, शाहीन बाग की रहने वाली किशोरी को अबुल फजल एन्क्लेव-2 स्थित एक घर से मुक्त कराया गया।

सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक काम का आरोप

पुलिस के अनुसार, सदफ नाम की महिला कथित तौर पर किशोरी से घर में घरेलू काम कराती थी। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे सुबह 6 बजे काम शुरू करना पड़ता था और रात करीब 2 बजे तक काम कराया जाता था। इस दौरान उसे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन धोने और पूरे घर की सफाई जैसे काम करने पड़ते थे। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसे सुबह करीब 11 बजे चाय दी जाती थी। अक्सर उसे खाने में बचा हुआ भोजन परोसा जाता था। पीड़िता के मुताबिक, उसे कई बार पर्याप्त खाना भी नहीं मिलता था।

गर्म प्रेस और चाकू से जलाने का आरोप

पीड़िता ने अपने बयान में महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि घर में रहने वाली महिला उसे बार-बार गर्म प्रेस से पीठ, हाथों और कूल्हों पर दागती थी। इसके अलावा गर्म चाकू से भी उसे चोट पहुंचाई गई। आरोप है कि किशोरी को करीब एक साल तक उसके माता-पिता से दूर रखा गया।

शरीर पर मिले चोट और जलने के निशान

एनजीओ के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान किशोरी के शरीर पर कई चोटें और पुराने जख्मों के निशान पाए गए। उसकी पीठ पर जलने के निशान और सिर पर गहरे घाव भी मिले। पीड़िता ने आरोप लगाया कि घर में रहने वाली महिला छोटी-छोटी गलतियों पर उसकी पिटाई करती थी और गर्म प्रेस से पीठ, हाथों तथा कूल्हों पर दागती थी। उसने गर्म चाकू से चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया। नाबालिग ने अधिकारियों को बताया कि एक बार उसे लगातार तीन दिनों तक खाना और पानी नहीं दिया गया था। चोट लगने या तबीयत खराब होने पर उसे डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवाएं दी जाती थीं।

मां-बाप से बात कराते समय ढंक देते थे चेहरा

पुलिस के अनुसार, किशोरी को माता-पिता से मिलने नहीं दिया जाता था। करीब एक साल के दौरान उसे फोन पर केवल दो-तीन बार ही अपने माता-पिता से बात करने की अनुमति मिली। एनजीओ ने आरोप लगाया कि फोन पर बातचीत के दौरान किशोरी का चेहरा ढंक दिया जाता था, ताकि उसके माता-पिता शरीर पर मौजूद चोटों के निशान नहीं देख सकें। शुरुआत में किशोरी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने से काफी डरी हुई थी। आरोप है कि उसे दुर्व्यवहार के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।

सीडब्ल्यूसी के सामने सुनाई आपबीती, एम्स में इलाज के निर्देश

बाद में किशोरी ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष भी दर्ज कराया गया और उसे समिति के सामने पेश किया गया। समिति ने किशोरी को इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराने का निर्देश दिया। एनजीओ के अनुसार, एक अन्य महिला ने किशोरी को इस घर में काम पर लगवाया था। करीब एक साल तक काम कराने के बदले उसे केवल 18 हजार रुपये दिए गए थे। इस दौरान उसे कथित तौर पर माता-पिता से दूर रखा गया और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

दो कानूनों के तहत मामला दर्ज करने के आदेश

एसडीएम ने शाहीन बाग थाने को बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 और किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस पूरी घटना के बीच किशोरी ने अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने की इच्छा जताई है। समिति को बताया गया है कि वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है और भविष्य में शिक्षिका बनना चाहती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m