विकास कुमार, सहरसा। जिले में बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। मृतक की पहचान सलखुआ प्रखंड अंतर्गत हरेवा पंचायत की पूर्व मुखिया उम्मे कुलशुम के पति मो. गुड्डू के रूप में हुई, जिनकी अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

हथियारबंद अपराधियों ने घेरकर मारी गोली

मिली जानकारी के अनुसार, मो. गुड्डू बनमा ईटहरी प्रखंड के सरबेला से एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सरबेला पुल के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही मो. गुड्डू सड़क पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

गोली चलने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल मो. गुड्डू को नजदीकी अस्पताल ले गए। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सहरसा रेफर कर दिया। सहरसा के सूर्या क्लीनिक पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजन शव को निजी वाहन से वापस गांव ले जा रहे थे। इसी बीच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने हुसैनचक के समीप वाहन को रोककर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया गया।

पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका

मामले को लेकर सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ निशीकांत भारती ने बताया कि पुलिस घटना की गहनता से जांच कर रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किए जाने की बात कही।

इलाके में तनाव, पुलिस गश्त बढ़ाई गई

घटना के बाद हरेवा, सलखुआ और बनमा ईटहरी प्रखंड क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है। मो. गुड्डू के समर्थकों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

गौरतलब है कि मो. गुड्डू की पत्नी उम्मे कुलशुम वर्ष 2006 के पंचायत चुनाव में जीत दर्ज कर हरेवा पंचायत की मुखिया बनी थीं। उन्होंने वर्ष 2011 तक पंचायत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, वर्ष 2011 के पंचायत चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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