Lifestyle Desk – गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधों पर भी दिखने लगता है. इस दौरान पौधों की देखभाल में सबसे अहम भूमिका पानी देने की होती है. लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं कि पौधों को सुबह पानी देना बेहतर होता है या शाम को और सही समय की जानकारी न होने से कई बार पौधे मुरझाने लगते हैं या उनकी ग्रोथ प्रभावित होती है. ऐसे में आइये विस्तार से जानते हैं की पौधों को किस टाइम में पानी देना सही होता है.

सुबह का समय क्यों है सबसे बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में पौधों को पानी देने का सबसे सही समय सुबह होता है, खासकर सूर्योदय के बाद और धूप तेज होने से पहले. सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे पानी जल्दी वाष्पित नहीं होता और पौधों की जड़ों तक अच्छी तरह पहुंचता है. इससे पौधों को पूरे दिन के लिए पर्याप्त नमी मिल जाती है और वे तेज धूप का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं.

शाम को पानी देने के नुकसान
कई लोग दिनभर की व्यस्तता के कारण शाम को पौधों में पानी डालते हैं, लेकिन यह आदत पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. शाम के समय तापमान कम होने लगता है और धूप भी नहीं होती, जिससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. इससे फंगस और कीटों का खतरा बढ़ जाता है. खासकर पत्तियों पर पानी रह जाने से रोग लगने की संभावना अधिक होती है.

दोपहर में पानी देना क्यों है गलत?
गर्मियों में दोपहर के समय पौधों को पानी देना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता. इस समय सूरज की किरणें तेज होती हैं और तापमान अपने चरम पर होता है. ऐसे में पानी डालने से वह तुरंत वाष्पित हो जाता है, जिससे पौधों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता. साथ ही, पानी की बूंदें पत्तियों पर पड़कर लेंस की तरह काम कर सकती हैं, जिससे पत्तियां जल भी सकती हैं.

पानी देने के सही तरीके
सिर्फ सही समय ही नहीं, बल्कि सही तरीके से पानी देना भी जरूरी है. पौधों की जड़ों में धीरे-धीरे पानी डालें ताकि मिट्टी उसे अच्छे से सोख सके. पत्तियों पर ज्यादा पानी डालने से बचें. गमलों में लगे पौधों के लिए ड्रेनेज सिस्टम सही होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके.

इन बातों का भी रखें ध्यान
हर पौधे की पानी की जरूरत अलग होती है. कुछ पौधों को रोज पानी चाहिए, जबकि कुछ को कम. इसलिए पौधे की किस्म के अनुसार ही पानी देने की आदत बनाएं. साथ ही, मिट्टी को समय-समय पर जांचते रहें – अगर ऊपरी सतह सूखी लगे तभी पानी दें.