सहारनपुर. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मतदाता सूचियों को आधार से जोड़ने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जब सरकार कई कामों में आधार का इस्तेमाल कर रही है, तो मतदाता सूची में भी इसका उपयोग किया जाना चाहिए. इससे वोटर लिस्ट में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है.

मसूद ने मतदाता सूची में आधार जोड़ने के पक्ष में अपनी बात रखते हुए बायोमेट्रिक पहचान का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि आधार से जुड़ी पहचान व्यवस्था का इस्तेमाल करने से मतदाता सूची की जांच को बेहतर बनाया जा सकता है.

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आधार से जोड़ने की वकालत

इमरान मसूद ने कहा कि जब हर जगह आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो वोटर लिस्ट को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए. इससे मतदाताओं की पहचान की जांच करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने इसे मतदाता सूची में गड़बड़ियों को रोकने का एक संभावित तरीका बताया.

बायोमेट्रिक पहचान का दिया हवाला

कांग्रेस सांसद ने आधार से जुड़े बायोमेट्रिक सिस्टम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आधार में अंगूठे के निशान जैसी पहचान संबंधी जानकारी होती है. उनके मुताबिक, इस व्यवस्था का इस्तेमाल मतदाता सूची में गड़बड़ियों को रोकने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, आधार में बायोमेट्रिक जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि उसे सीधे वोट डालने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए चुनावी नियमों और तकनीकी व्यवस्था का पालन जरूरी है.

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मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाया सवाल

मसूद ने मतदाता सूचियों में सामने आने वाली गड़बड़ियों को रोकने पर जोर दिया. उनका मानना है कि आधार से जोड़ने पर मतदाताओं की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है. मतदाता सूची को आधार से जोड़ने का मुद्दा चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं की पहचान से जुड़ा है. इस तरह की व्यवस्था लागू करने में निजता, डेटा सुरक्षा और पात्र मतदाताओं के अधिकारों का ध्यान रखना भी जरूरी है.