लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ. अब मतगणना के साथ चुनाव नतीजों पर नजर है. इस बीच लोगों के मन में सवाल है कि विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी को कितनी सैलरी मिलती है? उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं और उनका चुनाव विधायकों से कैसे अलग होता है?
उत्तर प्रदेश में एमएलसी को मूल वेतन के अलावा कई भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं. वर्ष 2025 में वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वेतन और भत्तों को मिलाकर राशि करीब 2.66 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है.
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एमएलसी को कितना मिलता है वेतन?
उत्तर प्रदेश में एमएलसी का मूल वेतन 35 हजार रुपये प्रति माह है. इसके अलावा उन्हें 75 हजार रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और 45 हजार रुपये चिकित्सा भत्ता मिलता है. सदन या समिति की बैठक में शामिल होने पर प्रतिदिन 2,500 रुपये का भत्ता भी दिया जाता है. इसके अलावा अन्य निर्धारित भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं.
यात्रा और दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं
एमएलसी को यात्रा के लिए निर्धारित भत्ते और रेल या हवाई यात्रा के कूपन जैसी सुविधाएं मिलती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें सालाना पांच लाख रुपये तक के यात्रा कूपन दिए जाते हैं. मोबाइल, स्टेशनरी और अन्य खर्चों के लिए भी सुविधाएं निर्धारित हैं. हालांकि, सभी सुविधाओं की राशि और उपयोग के नियम अलग-अलग हो सकते हैं.
कैसे चुने जाते हैं विधान परिषद सदस्य?
विधान परिषद का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग होता है. विधानसभा चुनाव में जनता सीधे अपने क्षेत्र के विधायक को चुनती है. वहीं, एमएलसी का चुनाव अलग-अलग निर्वाचन मंडलों के जरिए होता है. इसमें विधायक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता शामिल होते हैं. कुछ सदस्यों को राज्यपाल नामित करते हैं.
एमएलसी बनने के लिए न्यूनतम उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए. विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल छह साल होता है. हर दो साल में परिषद के करीब एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल पूरा होता है.
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कानून बनाने में क्या होती है भूमिका?
एमएलसी सदन में विधेयकों पर चर्चा करते हैं और सुझाव देते हैं. वे राज्य के कानून बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं. हालांकि, वित्तीय मामलों में विधानसभा की भूमिका अधिक प्रभावी होती है. मनी बिल केवल विधानसभा में पेश किया जा सकता है. विधान परिषद इस पर 14 दिनों के भीतर सिफारिशें दे सकती है. विधानसभा इन सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है.

