पटना से अहमदाबाद जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट (6E925) बुधवार को आसमान में खराब मौसम के बीच बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। लखनऊ पहुंचने से ठीक पहले करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया, जिससे विमान का अगला हिस्सा (नोज) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के समय विमान में कुल 170 यात्री सवार थे, जिनमें अचानक मची हलचल से दहशत फैल गई।

​सूझ-बूझ से टला बड़ा हादसा और सुरक्षित लैंडिंग

​विमान के पायलट ने असाधारण सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क साधा। पायलट के संदेश मिलते ही एटीसी ने बिना देरी किए रनवे खाली कराया और एम्बुलेंस समेत अन्य सभी आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह तैनात कर दिया। पायलट ने अपनी दक्षता का इस्तेमाल करते हुए विमान को शाम 4:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया, जो कि उसके निर्धारित समय से थोड़ा पहले था। सभी 170 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

​वैकल्पिक व्यवस्था और डीजीसीए को रिपोर्ट

​इस विमान को लखनऊ से आगे अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन तकनीकी खराबी सामने आने के बाद एयरलाइन ने सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए इसे तुरंत ग्राउंड कर दिया। यात्रियों की असुविधा को देखते हुए इंडिगो ने तत्काल प्रभाव से दूसरे विमान का इंतजाम किया। सभी यात्रियों को शाम करीब 6:22 बजे वैकल्पिक विमान से उनके गंतव्य अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है।

​विमान की तकनीकी जांच और मरम्मत प्रक्रिया

​घटना के बाद इंजीनियरों की तकनीकी टीम ने तुरंत विमान की जांच शुरू कर दी। विमान के अगले हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर इसका ट्रायल किया जाएगा और इसकी पूरी रिपोर्ट डीजीसीए को भेजी जाएगी। डीजीसीए से औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद ही यह विमान बिना यात्रियों के अगली उड़ान भरेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक विमानों की बाहरी बॉडी एल्यूमीनियम और कार्बन कंपोजिट से इस तरह डिजाइन की जाती है कि बिजली का करंट बाहरी सतह से गुजरकर पिछले हिस्से से निकल जाए, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को कोई झटका नहीं लगता है।