हेमंत शर्मा, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर में सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों की मौत पर दुख जताया हैं। वहीं उन्होंने प्रभावितों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि साल 2023 में सर्वोच्च न्यायालय ने सीवर संबंधी मृत्यु घटित होने पर 30 लाख की आर्थिक सहायता का निर्णय पारित किया था।

सफाई करने गए थे कर्मचारी

दरअसल, देश के सबसे साफ शहर इंदौर में दो सफाई कर्मचारियों की जान चली गई। घटना शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। जब नगर निगम के सफाई कर्मचारी सक्शन टैंकर लेकर चोइथराम मंडी गेट पर सीवर लाइन की सफाई के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सक्शन टैंकर का पाइप निकालते समय उसका एक टुकड़ा सीवर टैंक में गिर गया।

ये भी पढ़ें: इंदौर में जहरीली गैस से दर्दनाक हादसा: सीवर की सफाई के दौरान दम घुटने से 2 कर्मचारियों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एक को बचाने गए दूसरे कर्मचारी की भी मौत

बताया जा रहा है कि उसी टुकड़े को निकालने के लिए नगर निगम का कर्मचारी करण टैंक के अंदर उतरा। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण उसका दम घुटने लगा और वह बेहोश हो गया, करण को बचाने के लिए अजय नामक दूसरा कर्मचारी भी टैंक में उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया ओर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

ये भी पढ़ें: MP में बड़ा हादसाः देर रात खड़े क्रेन से टकराई तेज रफ्तार कार, 3 की मौत 2 घायल

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

इस दौरान एक अन्य सफाई कर्मचारी और एक स्थानीय नागरिक भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरे थे। जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना सेफ्टी उपकरण और गैस जांच के कर्मचारियों को टैंक में क्यों उतारा गया। दो परिवारों के घरों में मातम पसरा है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m