सोहराब आलम, मोतिहारी। सदर अस्पताल मोतिहारी के नशा मुक्ति वार्ड में भर्ती एक बंदी सुदीश कुमार (45) की इलाज के दौरान मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक कोटवा थाना क्षेत्र के बड़हरवा कला का रहने वाला था। मौत के बाद युवक के परिजनों ने कोटवा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और हंगामा करना शुरू कर दिया।

परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इंकार

परिजनों ने युवक की शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने के साथ ही न्याय की मांग करने लगे। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने सुदीश को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जेल भेजे जाने के दौरान उसकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस पर 50 हजार मांगने का आरोप

परिजनों नारद राम और पप्पू कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुदीश को छोड़ने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की थी। पैसा नहीं देने पर थाने ले जाकर उसकी पिटाई की गई और फिर जेल भेज दिया गया। उनका कहना है कि पिटाई से ही उसकी हालत बिगड़ी और अस्पताल में उसकी मौत हुई।

चौकीदार पर सुदीश को शराब पिलाने का आरोप

परिजनों ने बताया कि चौकीदार ललन दास और राजकुमार ने सुदीश को शराब पिलाने को कहा था। मना करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार उसे गिरफ्तार कर थाने ले गए। वहीं, कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय ही सुदीश कांप रहा था और उसे मारा-पीटा नहीं गया। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।

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