इराक की एक अदालत ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़ाव के मामले में सात फ्रांसीसी नागरिकों को मंगलवार को सजा सुनाई है. इनमें छह को उम्रकैद और एक को 15 साल जेल की सजा दी गई है. ये सात लोग उन 47 फ्रांसीसी नागरिकों में शामिल थे, जिन पर आईएस से संबंध रखने का आरोप था. इनलोगों को पहले सीरिया में हिरासत में रखा गया था और पिछले साल मुकदमे के लिए इराक लाया गया था.

इराक की सर्वोच्च न्यायिक परिषद के अनुसार, छह दोषियों को उम्रकैद, जबकि सातवें को 15 साल कैद की सजा दी गई. इन सभी को आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया है.

इराक की राजधानी बगदाद की एक अदालत ने इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े 7 फ्रांसीसी नागरिकों को आतंकवाद और चरमपंथी संगठन में शामिल होने के मामले में सजा सुनाई है. इराक की सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल के मुताबिक, इनमें से छह लोगों को उम्रकैद और सातवें को 15 साल जेल की सजा दी गई है.

 काउंसिल ने बताया कि इस दौरान बचाव पक्ष के वकील और फ्रांसीसी दूतावास के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. कोर्ट ने कहा कि ये सात लोग बेहद खतरनाक हैं, क्योंकि इन्होंने इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया.

यह फैसला बगदाद की करख क्रिमिनल कोर्ट द्वारा सुनाया गया. इन सभी को आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया है. ये सातों उन 47 फ्रांसीसी नागरिकों में शामिल थे, जिन पर IS से संबंध रखने के आरोप थे. इन लोगों को पहले सीरिया में हिरासत में रखा गया था.

इराक में फिलहाल IS से संबंध रखने के संदेह में हजारों लोग हिरासत में हैं. इनमें 5,700 से ज्यादा ऐसे बंदी भी शामिल हैं, जिन्हें जनवरी में सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हुई लड़ाई के बाद इराक स्थानांतरित किया गया था. जानकारी के मुताबिक, जनवरी की झड़पों के दौरान IS से जुड़े कुछ बंदी भागने में सफल रहे थे. इसके बाद बड़ी संख्या में कैदियों के भागने की आशंका जताई गई. इसी वजह से बाकी बंदियों को इराक स्थानांतरित किया गया.

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