जमुई, विजय कुमार। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जमुई पुलिस ने गुप्त सूचना और एक शातिर अपराधी की निशानदेही पर छापेमारी कर सिकंदरा थाना क्षेत्र के जंगलों में अवैध रूप से संचालित हो रही एक मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
सिकंदरा थाना में अनुसंधान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध आरोपी छोटू पासवान उर्फ टीनू कुमार (25 वर्ष), पिता- फकीरा पासवान, निवासी मिर्चा (थाना जमुई) को हिरासत में लिया था। पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान छोटू पासवान ने पुलिस के सामने एक बड़ा राज खोलते हुए बताया कि सिकंदरा थाना क्षेत्र के जंगलों में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया और आरोपी की निशानदेही पर मिर्जा पाठकचक नहर के पास स्थित घने जंगलों में दबिश दी।
पुलिस की छापेमारी और रंगेहाथ गिरफ्तारी
पुलिस बल जब जंगल के भीतर उस ठिकाने पर पहुंचा, तो वहां अवैध हथियार बनाने का पूरा सेटअप देखकर दंग रह गए। घने जंगलों की आड़ में सुनसान जगह पर यह अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। मौके से पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के मुख्य संचालक और उसके एक अन्य सहयोगी को रंगेहाथ दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- जमशेद अली उर्फ तौफीक मलिक (संचालक), पिता- मोहम्मद मुस्ताक, निवासी- आमीन, थाना- जमुई।
- डब्लू कुमार (सहयोगी), पिता- बौद्धू यादव, निवासी- मिर्चा, थाना- सिकंदरा।
- इसके अलावा पहले पकड़ा गया संदिग्ध छोटू पासवान उर्फ टीनू कुमार भी इस अवैध नेटवर्क का मुख्य हिस्सा है।
भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से अवैध हथियारों के जखीरे के साथ-साथ हथियार बनाने के भारी उपकरण और कच्चे माल बरामद किए हैं। बरामद सामानों की सूची में चीजें शामिल हैं:
- 2 जिंदा कारतूस (.315 बोर)
- 1 ड्रिल मशीन
- मैगजीन और साइकिल फार्मा
- रेती, स्प्रिंग और हैक्सा ब्लेड
- हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाला चदरा और अन्य उपकरण
पुलिस का अगला कदम और नेटवर्क की तलाश
पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री के तार कहां-कहां जुड़े हैं और यहां बनाए जाने वाले हथियार किन-किन आपराधिक गिरोहों या इलाकों में सप्लाई किए जाते थे। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है, और उनके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जमुई पुलिस के इस कदम से जिले में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

