विजय कुमार, जमुई। सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष में शनिवार की रात से रविवार सुबह तक दो प्रसूताओं की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। दोनों मामलों में परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने और समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया है। एक प्रसूता की प्रसव से पहले मौत हुई, जबकि दूसरी ने ऑपरेशन के बाद दम तोड़ा। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर हंगामा किया और जिम्मेदार चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की।
पहला मामला खैरा थाना क्षेत्र के नरियाना गांव की अनिता कुमारी( 28) पति सुजीत कुमार के अनुसार शनिवार रात प्रसव पीड़ा होने पर पहले उसे खैरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। रात करीब 11 बजे अनिता को सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव कक्ष में उस समय महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थीं। स्वास्थ्यकर्मियों ने जांच के बाद चिकित्सक के आने की बात कही, लेकिन रातभर अनिता की हालत बिगड़ती रही। रविवार सुबह करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार यह उसका तीसरा प्रसव था।
दूसरा मामला खैरा थाना क्षेत्र के चौहानडीह गांव की आस्था कुमारी( 26) का है। परिजनों के अनुसार शनिवार को सदर अस्पताल में ऑपरेशन से उसका प्रसव कराया गया और उसने बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि महिला चिकित्सक ड्यूटी रूम में मौजूद नहीं थीं। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक से इलाज कराने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन रविवार सुबह फिर तबीयत बिगड़ी और करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद आस्था को नियमित चिकित्सकीय निगरानी नहीं मिली। सुबह खून चढ़ाने की बात कही गई, लेकिन खून की व्यवस्था होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रखकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
परिजनों ने बताया कि आस्था के पति रतन सिंह की करीब चार माह पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। अब नवजात बेटे के सिर से भी मां का साया उठ गया। बताया जाता है कि शनिवार रात आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी की ड्यूटी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि वह रातभर ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। जांच की जा रही है। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की पुष्टि होने पर संबंधित महिला चिकित्सक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है।
वही जिला प्रशासन की ओर से अंचलाधिकारी सौरभ कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि परिवार से लिखित आवेदन मांगा गया है। पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारी को दी जाएगी। जो भी मामले में दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान दो महिला के मौत की सूचना मिलने के बाद बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह भी सदर अस्पताल पहुंची। इस दौरान उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर थानिष को जमकर फटकार लगाई। श्रेयसी सिंह ने पीड़ित से पहले मामले की पूरी जानकारी ली, उसके बाद उन्होंने उपाधीक्षक डॉक्टर थानिष से पूछा क्या आप लोग इस ऐसे ही इलाज करते हैं? इस तरह की ट्रीटमेंट होती है? पेशेंट कंपैरिजन आप लोगों को भगवान समझते हैं, लेकिन आप लोग के द्वारा इस तरह की ट्रीटमेंट दी जाती है। मरीज की जान चली गई है और आप मुझे ऊपर नीचे सीखा रहे हैं।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि, आप लोगों के जान से खिलवाड़ करते हैं। जब आप पेशेंट को देखने गए थे, तो क्यों नहीं सीरियसली लिया? क्यों नहीं महिला डॉक्टर को बुलाया? परिजनों का कहना है कि बिना रिपोर्ट देख ही सर्जरी कर दिया गया। क्या डॉक्टर का यह दायित्व नहीं बनता है कि रात के 12:00 बजे भी अपने मरीज के लिए खड़े रहे।
उन्होंने गुस्से में कहा कि डॉक्टर साहब एडवाइज तब दिया जाता है, जब इंसान की जान बचाने में काम आता है। आपके एडवाइज का आचार डालेंगे यहां के लोग। आपने डॉक्टर को क्यों नहीं बुलाया। 12 घंटे के अंदर दो की मृत्यु हो चुकी है। बिना रिपोर्ट देख सर्जरी करते हैं आप लोग। डॉ शालिनी नाइट ड्यूटी में कहां थी। मंत्री ने उन्हें डीएम के पास अपने साथ ले गए?
मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल के कुछ डॉक्टर के लापरवाही से आज गर्भवती महिला की मौत हो गई है। प्रशासन की ओर से डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई होगी। भारत में डॉक्टर को धरती पर भगवान माना जाता है। यह लापरवाही का विषय है। जो भी डॉक्टर दोषी पाए जाएंगे, उन सबके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर मामले की जानकारी देंगे।
वही सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में डीएम ने भी संज्ञान लिया है। घटना की जांच के लिए डीडीसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें सिविल सर्जन और वरीय उप समाहर्ता सावन कुमार शामिल हैं। समिति को 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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