विजय कुमार, जमुई। सदर अस्पताल में 12 घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने आज रविवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीओ सौरव कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शहर के खैरा मोड़ स्थित मातृत्व सेवा सदन नामक निजी क्लीनिक में औचक छापेमारी की। कार्रवाई की भनक लगते ही क्लीनिक में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही चिकित्सक और कंपाउंडर के वहां से निकल जाने की बात सामने आई।

मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के आधिकारिक रोस्टर में डॉ. शालिनी की ड्यूटी शनिवार रात आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक प्रसव कक्ष में लगाई गई थी। इसी अवधि में सदर अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची दो महिलाओं की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए।

इसके बाद रविवार शाम एसडीओ सौरव कुमार के नेतृत्व में बीडीओ अभिनव कुमार, सीओ सौरभ कुमार और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार पुलिस बल के साथ खैरा मोड़ स्थित निजी क्लीनिक पहुंचे। टीम ने क्लीनिक के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद मरीजों व उनके परिजनों से जानकारी ली। प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर चिकित्सक और कंपाउंडर के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई।

छापेमारी के दौरान क्लीनिक में सिकंदरा थाना क्षेत्र की एक प्रसूता भर्ती मिली। एसडीओ ने उसके परिजनों से बातचीत कर निजी क्लीनिक में इलाज कराने की वजह पूछी। उन्होंने सरकारी अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सुविधाओं, दवाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी देते हुए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ लेने की सलाह दी।

दो प्रसूताओं की मौत के बाद हुई इस कार्रवाई से सरकारी चिकित्सकों की ड्यूटी और निजी प्रैक्टिस को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, डॉ. शालिनी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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