कुंदन कुमार, ​पटना। बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बदलने में अहम भूमिका निभाने वाले ‘जीविका’ संगठन ने अपनी स्थापना के 20 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आज, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (गांधी जयंती) के पावन दिन पर पटना स्थित जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय में एक भव्य और विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस खास मौके पर बिहार के कोने-कोने से हजारों की संख्या में जीविका दीदियां पटना पहुंची हैं, जिससे पूरे जदयू कार्यालय परिसर में उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है।

​कार्यक्रम में दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में बिहार की राजनीति और शासन के कई प्रमुख चेहरे शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मुख्य रूप से शिरकत कर रहे हैं। जीविका की इस दो दशक लंबी विकास यात्रा के गवाह बनने के लिए पहुंचे इन वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।

​महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना जीविका

​पिछले 20 वर्षों में जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) ने राज्य की करोड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभूतपूर्व काम किया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का जो सफर शुरू हुआ था, वह आज एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। आज का यह आयोजन न केवल जीविका की दो दशकों की उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि यह बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर भी साबित हो रहा है।