कुंदन कुमार, पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने बागी विधायक अनंत सिंह पर ऐतिहासिक और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और नियमों की लगातार धज्जियां उड़ाने के आरोप में उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से पूरे छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि उनकी विधायकी भी किसी भी वक्त जा सकती है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पार्टी लगातार अनंत सिंह की हरकतों पर नजर रखे हुए थी। नीतीश कुमार ने प्रदेश अध्यक्ष को स्पष्ट जिम्मेदारी दी थी कि वे उनके क्रियाकलापों की निगरानी करें। लेकिन जब तमाम चेतावनियों के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रही, तो पार्टी ने यह कड़ा कदम उठाने में कोई देर नहीं लगाई।
अपने बयान को धार देते हुए श्याम रजक ने पौराणिक संदर्भ का सहारा लिया। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा, “जिस प्रकार भगवान कृष्ण ने शिशुपाल को उसकी 100 गलतियां माफ करने के बाद चेतावनी दी थी और सीमा पार होने पर सुदर्शन चक्र चला दिया था, ठीक उसी प्रकार पार्टी ने भी अनंत सिंह की हरकतों को लगातार सहन किया। लेकिन जब अति हो गई, तो पार्टी को अनुशासन का सुदर्शन चक्र चलाना ही पड़ा।”
जदयू नेताओं का मानना है कि इस निष्कासन के बाद कानूनी और विधायी प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होना तय है। इस मेगा एक्शन से पार्टी ने साफ कर दिया है कि संगठन के अनुशासन से बड़ा कोई बाहुबली या नेता नहीं हो सकता।

