कुंदन कुमार, पटना। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विपक्षी दलों और खासकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हालिया राजनीतिक बैठकों और बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज देश में किसी भी प्रकार का ‘इंडिया गठबंधन’ बचा ही नहीं है। उन्हें खुद इस बात की हैरानी है कि बिना किसी ठोस गठबंधन के विपक्षी दल आखिर किस बात की बैठकें और मंथन कर रहे हैं।
​कुशवाहा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तक नीतीश कुमार विपक्षी दलों के साथ थे, तब तक ही ‘इंडिया गठबंधन’ नाम की कोई चीज सक्रिय थी। नीतीश कुमार के अलग होने के बाद अब तमाम दल पूरी तरह बिखर चुके हैं और उनके बीच कोई एकजुटता नहीं बची है।

​हिम्मत है तो पहले सदस्यता छोड़ें तेजस्वी

​आरजेडी नेता तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों और बयानों पर पलटवार करते हुए जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो लोग लगातार वोटिंग पैटर्न, एसआईआर (SIR) और चुनाव प्रक्रिया पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यदि चुनाव प्रक्रिया में इतनी ही गड़बड़ी है, तो तेजस्वी यादव और उनके तमाम विधायक पहले अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब वे खुद उसी प्रणाली के तहत चुनकर आए हैं, तो जनता के बीच जाकर इस्तीफा देने के बाद ही ऐसी लड़ाई लड़ना उनके लिए नैतिक रूप से उचित होगा।

​हारने पर वोट चोरी का रोना

​उमेश कुशवाहा ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों का यह अजीब रवैया है कि जिन सीटों पर वे चुनाव जीत जाते हैं, वहां सब कुछ ठीक रहता है और कोई वोट चोरी नहीं होती; लेकिन जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, वे तुरंत ‘वोट चोरी’ और धांधली का राग अलापने लगते हैं।
​उन्होंने कहा कि आज की तारीख में विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, यही वजह है कि वे केवल बयानबाजी कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। देश की जनता ने एनडीए गठबंधन की नीतियों पर भरोसा जताते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आज एनडीए पूरी मजबूती के साथ सरकार चला रहा है। विपक्ष के ऐसे बेबुनियाद बयानों से सरकार या एनडीए गठबंधन पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है।