Bihar news: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली स्थित सेवा-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे बिहार के एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस दर्दनाक हादसे में एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई।
विवाद की मुख्य वजह
प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, इस खूनी संघर्ष की जड़ में आरोपी कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह (अभिदेश) का अपनी पत्नी और बच्चे से जुड़ा पारिवारिक विवाद था। आरोपी की पत्नी पूजा देवी भी इसी यूनिट में लेडी हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। नियम के अनुसार, यूनिट प्रशासन ने ड्यूटी के दौरान क्वार्टर गार्ड क्षेत्र में बच्चे के प्रवेश या वहां रुकने पर पाबंदी लगा रखी थी। इसी बात को लेकर आरोपी जवान की अन्यकर्मियों से तीखी बहस हुई थी, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठी।
कैसे दिया गया घटना को अंजाम?
बहस के बाद गुस्से में तमतमाया आरोपी जवान सीधे हेडक्वार्टर ऑफिसर मेस सेक्शन में जा पहुंचा, जहां उस वक्त चार जवान पहले से मौजूद थे। उसने अपनी सरकारी एके-47 राइफल से अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए हमले से कैंप में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
जान गंवाने वाले जवानों के नाम
इस गोलाबारी में अपनी जान गंवाने वाले चार CISF कर्मियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- अंकित कुमार पांडे (असिस्टेंट कमांडेंट)
- लक्ष्मण सिंह (सब-इंस्पेक्टर)
- रफीक अहमद (कॉन्स्टेबल)
- संदीप कुमार (कॉन्स्टेबल)
प्रशासनिक कार्रवाई और पावर प्रोजेक्ट की स्थिति
यह घटना रावी नदी पर बने सेवा-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के कैंप में हुई, जो 2013 की भीषण बाढ़ के बाद से बंद पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही बसोहली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी जवान 2009 बैच का बताया जा रहा है। CISF मुख्यालय ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं ताकि इस जघन्य अपराध की हर एक परत को उजागर किया जा सके।


