कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। राजद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मौजूदा सरकार प्रदेश की बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है, इसलिए इसे सत्ता में एक मिनट भी बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
राजद प्रवक्ता ने हाल ही में राज्य के विभिन्न जिलों में घटी वारदातों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जमुई, समस्तीपुर, बांका और गया में हुई घटनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि प्रदेश में सरकार का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं बचा है।
राजधानी पटना में भी बेटियां सुरक्षित नहीं
कानून-व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए एजाज अहमद ने राजधानी पटना की ताजा घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पटना के खाजेकलां थाना क्षेत्र में कोचिंग पढ़ने जा रही एक छात्रा के साथ सरेआम छेड़खानी की गई।
राजद ने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब सड़कों और स्कूल-कॉलेज के आसपास महिला पुलिस बल की तैनाती का दावा किया जाता है, तो फिर अपराधी इस तरह की घिनौनी वारदातों को अंजाम देने में कैसे कामयाब हो जाते हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सम्राट चौधरी की पुलिस आखिर कहां रहती है, इसका कुछ पता नहीं चलता है।
बिहार नहीं संभल रहा, तुरंत दें इस्तीफा
अपने तीखे बयान के अंत में राजद प्रवक्ता ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार से कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही है और वह महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में असमर्थ है, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। राजद ने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरते हुए यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि डबल इंजन सरकार के दावों के बावजूद धरातल पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अब देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से इस कड़े हमले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


