दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी में एक पीड़ित किसान के साथ बदसलूकी और अपमान करने वाले बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) महेंद्र गौण्डे पर गाज गिरी है। ‘लल्लूराम.कॉम’ पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए जूनियर इंजीनियर का तबादला बनखेड़ी से भोपाल कर दिया है। हालांकि इस प्रशासनिक कार्रवाई से किसान संगठन संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने उग्र आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 21 मई का है जब बनखेड़ी के मलकजरा में बिजली विभाग द्वारा एक समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में क्षेत्र के किसान भगवानदास पटेल अपनी बिजली संबंधी समस्या लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि समस्या का समाधान करने के बजाय ड्यूटी पर तैनात JE महेंद्र गौण्डे अपना आपा खो बैठे और उन्होंने सरेआम किसान भगवानदास से उनकी ‘औकात’ पूछते हुए घोर बदसलूकी की। किसान को अपमानित करने का यह मामला तेजी से गरमा गया।
निलंबन और FIR की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन
इस घटना के बाद किसानों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट और तहसील कार्यालय पहुंचे। किसानों ने स्थानीय तहसीलदार को एक शिकायती ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आरोपी JE महेंद्र गौण्डे को सिर्फ ट्रांसफर नहीं बल्कि तत्काल पद से निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
संयुक्त किसान मोर्चा का अल्टीमेटम- ‘3 दिन में FIR नहीं हुई तो होगा आंदोलन’
मामले में अब संयुक्त किसान मोर्चा भी पूरी तरह से मैदान में उतर आया है। मोर्चा ने शासन-प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। किसान नेताओं ने साफ कहा है कि यदि 3 दिनों के भीतर अभद्र व्यवहार करने वाले JE के खिलाफ FIR नहीं की गई तो पूरे जिले में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान होने वाले चक्काजाम और कानून व्यवस्था की स्थिति के लिए पूरी तरह से शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा।

