संबंधों और अवसरों को गवाने वालों को आख़िरकार पछताना ही पड़ता है। कहा भी जाता है कि पुल बनाइए, दीवारें नहीं, रिश्तों के पुल मत जलाइए, कल की राह खुली रखिए कहीं ऐसा ना हो आज का गुस्सा, कल का अवसर न छीन ले। अपने संबंधों को बचाइए क्योंकि भविष्य अनिश्चित है कोई दरवाज़ा हमेशा के लिए बंद न करें। आगे बढ़ने के आलावा जीवन की सफलता इस बात में भी है कि हम अपने सुख-दुःख के संबंधों को कितना सहेज कर रख पाते हैं।
ज़रा-ज़रा सी बात पर संबंधों को जोखिम में डालने वालों के लिए अंग्रेज़ी की प्रसिद्ध कहावत है “Don’t burn your bridges” इसका आशय है ऐसा कोई कदम न उठाएँ जिससे लौटने, जुड़ने या सहयोग पाने की संभावना हमेशा के लिए समाप्त हो जाए। कभी क्रोध, अहंकार, मतभेद या क्षणिक निराशा में हम किसी व्यक्ति से ऐसे शब्द कह देते हैं जिन्हें बाद में वापस लेना कठिन हो जाता है। Think before you speak. इस पंक्ति को किसी सूत्र-मंत्र की तरह स्मरण में रखना चाहिए कि बोलने से पहले उस पर अच्छी तरह विचार करें। नौकरी, व्यवसाय, मित्रता, परिवार या सामाजिक जीवन, हर क्षेत्र में संबंधों की अपनी गरिमा और उपयोगिता है।
आज जो व्यक्ति हमारे साथ नहीं है परिस्थितियाँ बदलने पर वही कल सहयोगी भी बन सकता है। इसलिए असहमति होने पर भी संवाद का रास्ता खुला रखना समझदारी है। इसका अर्थ यह क़तई नहीं है कि हर गलत बात को स्वीकार कर लिया जाए या आत्मसम्मान से समझौता किया जाए।इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि हम दृढ़ता के साथ भी विनम्र बने रहें। एक बात सदैव ध्यान में रखें कि समय बदलता है, परिस्थितियाँ बदलती हैं और मनुष्य भी बदलता है संबंध समाप्त करने से पहले सोचें कि क्या वास्तव में सभी रास्ते बंद करना आवश्यक है। संस्कृत का एक प्रसिद्ध श्लोक है
उदये सविता रक्तो रक्तश्चास्तमये तथा। सम्पत्तौ च विपत्तौ च महतामेकरूपता॥
इस सुभाषित के आधार पर सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय सूर्य का स्वरूप एक समान रहता है वैसे ही महान व्यक्ति सुख-दुःख में संतुलित रहते हैं। सम भाव में रहकर अपने शब्दों और व्यवहार में इतनी कठोरता न लाएँ कि भविष्य के लिए कोई संभावना ही न बचे। A soft answer turns away wrath. इसका मतलब है मधुर उत्तर क्रोध को शांत कर सकता है।सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयान्न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्। इस संस्कृत सुभाषित का अर्थ हिया कटु सत्य भी प्रिय और मधुर ही बोलें। क्योंकि जीवन में दीवारें खड़ी करने से अधिक महत्वपूर्ण है पुलों को सुरक्षित रखना क्योंकि दीवारें चलने नहीं देती पुल गिरने नही देता।

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम
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