कुंदन कुमार, पटना। ​गांधी जयंती के अवसर पर जहानाबाद जिले में भाकपा माले की ओर से एक तीव्र विरोध मार्च निकाला गया और पुतला दहन गया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संविधान और लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की है।

​विरोध मार्च और पुतला दहन का रूट

​माले जिला कार्यालय से यह विरोध मार्च शुरू हुआ, जो शहर के प्राचीन मंदिर मार्ग से होते हुए काको मोड़ तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काको मोड़ पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, छात्र और नौजवान शामिल रहे।

वोट चोरी कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है भाजपा – रविन्द्र यादव

​सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य कामरेड रविन्द्र यादव ने कहा कि एसआईआर (SIR) के जरिए वोट चोरी कर देश के लोकतंत्र को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस चुनाव आयोग के माध्यम से आम नागरिकों के वोट कटवाकर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के नियमों को दरकिनार कर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो अन्य सदस्यों की असहमति के बावजूद अपने फैसले थोपे, जिससे विपक्षी पार्टियों और आम जनता का लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है।

​प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

​इस विरोध प्रदर्शन और सभा को जिले के विभिन्न प्रखंडों के नेताओं ने संबोधित किया। इनमें मखदुमपुर से रामाधार सिंह, धनेश्वर मांझी, रतनी से राकेश कुमार, जहानाबाद से हसनैन अंसारी, प्रमोद कुमार, काको से विनोद भारती, मोदनगंज से बितन मांझी, घोषि से अरुण बिंद और हुलासगंज से प्रभात कुमार सहित दर्जनों स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।