सोहराब आलम / मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में आज हादसों का दिन रहा। दिन भर में आज कुल सात बच्चों की पानी में डूब कर मौत हो गई है । पहली घटना दिन में जिले पहाड़पुर में घटित हुई जिसमें जिउतिया पर्व को लेकर पोखर में नहाने के दौरान चार बच्चियों की डूब कर मौत्त हो गई । इस घटना का शोर अभी जिले में मचा ही था तबतक बंजरिया थाना क्षेत्र के चैलाहां गांव के तीन बच्चे बर्थडे मनाने के लिये नदी किनारे गए थे तभी एक बच्चे का पर फिसल गया और वो नदी में जा गिरा इस बीच बारी बारी से दो अन्य बच्चे एक दूसरे को बचाने गए जिसमें तीनों की नदी में डूबकर मौत हो गई । वही घटनां की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीआरएफ की टीम और ग्रामीण गोताखोरों के सहयोग से तीनों बच्चे के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल लाया गया। इसको लेकर सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि काफी दुखद घटना है और सरकार के द्वारा जो भी सहायता है उसे तुरंत दिया जायेगा

​इनरवाभार पंचायत की घटना

​यह पूरी दुर्घटना अरेराज अनुमंडल के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के इनरवाभार पंचायत के वार्ड-7 की है। मृतकों की पहचान 13 वर्षीय सोनामति, 10 वर्षीय फूलमती, 10 वर्षीय सोनाली और 12 वर्षीय प्रतिमा के रूप में की गई है। इनमें सोनामति और फूलमती दोनों सगी बहनें थीं, जो पड़ोस की अन्य बच्चियों के साथ तालाब पर स्नान करने के लिए गई थीं।

​कैसे हुआ यह हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, जिउतिया पर्व के मौके पर सभी बच्चियां घर के पास स्थित तालाब में नहाने के लिए उतरी थीं। नहाने के दौरान अचानक वे गहरे पानी और गड्ढे की चपेट में आ गई और डूबने लगीं। उनके साथ नहा रही अन्य बच्चियों ने जब उन्हें डूबते देखा, तो तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद महिलाएं और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
​ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों बच्चियों को बाहर निकाला गया। इसके तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों द्वारा उन्हें पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​मृतका सोनामति और फूलमती की मां ने बताया कि दोनों बहनें सुबह खाना खाकर यह कहकर घर से निकली थीं कि वे पड़ोस की लड़कियों के साथ खेलने जा रही हैं। कुछ देर बाद उनके डूबने की मनहूस खबर मिली। वहीं, बच्चियों के पिता प्रमोद महतो ने बताया कि तालाब में गहराई का अंदाजा न होने के कारण बच्चियां गहरे गड्ढे में चली गईं। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद से पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं।

​प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहाड़पुर पुलिस, बीडीओ अखिलेश कुमार, सीओ रामसेवक पासवान और स्थानीय नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। पुलिस ने सभी चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।