रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID को पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। परीक्षा घोटाले में गिरफ्तार TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने CID को दिए बयान में तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल खियांग्ते पर TDPL कंपनी को काम दिलाने के एवज में 2 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। अभय ने यह भी दावा किया है कि परीक्षा से जुड़े अन्य कामों में अध्यक्ष की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी तय थी।हालांकि, ये आरोप फिलहाल जांच का हिस्सा हैं और CID इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।

धर्मेंद्र के जरिए हुई थी अध्यक्ष से पहचान

अभय तिवारी के मुताबिक, उसकी एल खियांग्ते से पहचान इस मामले में गिरफ्तार धर्मेंद्र के जरिए हुई थी। धर्मेंद्र JPSC के कंप्यूटर कोषांग में कार्यरत था। अभय ने CID को बताया कि जून में उसने धर्मेंद्र के माध्यम से TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और सत्यपाल की मुलाकात कराई।

इसके बाद रामवीर सिंह, सत्यपाल, बोकारो के सानंद प्रकाश और एल खियांग्ते की मुलाकात होटल रेडिशन ब्ल्यू के रेस्टोरेंट में हुई। कथित तौर पर खियांग्ते ने TDPL को JPSC के सामने प्रेजेंटेशन देने के लिए कहा।

JPSC में हुआ TDPL का प्रेजेंटेशन

होटल में मुलाकात के करीब दो दिन बाद TDPL ने JPSC कार्यालय में अपना प्रेजेंटेशन दिया। इसमें आयोग के सभी सदस्य और परीक्षा उपनियंत्रक मौजूद थे। इसके बाद खियांग्ते ने कंपनी का प्रस्ताव उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को सौंपा और TDPL निदेशक रामवीर सिंह को धर्मेंद्र से संपर्क करने के लिए कहा।

चार शर्तों पर बनी थी कथित डील

अभय तिवारी ने CID को दिए बयान में दावा किया कि प्रेजेंटेशन के बाद मोरहाबादी मैदान में उसकी और TDPL निदेशक रामवीर सिंह की धर्मेंद्र से बातचीत हुई। इसी दौरान कथित तौर पर चार शर्तें रखी गईं।

0 तत्कालीन चेयरमैन को 2 करोड़ रुपये देने की बात।
0 धर्मेंद्र के लिए 25 लाख रुपये।
0 कुछ चिन्हित अभ्यर्थियों को कंपनी के जरिए पास कराने की बात।
0 JPSC से कंपनी को मिलने वाले भुगतान का 20 प्रतिशत अध्यक्ष को देने की कथित शर्त।

अभय के मुताबिक, TDPL निदेशक रामवीर सिंह ने इन शर्तों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद धर्मेंद्र ने उन्हें स्टेट गेस्ट हाउस में एल खियांग्ते से मिलवाया। खियांग्ते ने कथित तौर पर उन्हें धर्मेंद्र के संपर्क में रहने के लिए कहा।

इसके बाद जून में ही TDPL के साथ JPSC का करार हुआ और कंपनी को परीक्षाओं के संचालन का कार्यादेश दिए जाने की बात सामने आई।

अभय के बयान के बाद CID ने की छापेमारी

अभय तिवारी के बयान के बाद CID ने सानंद प्रकाश, धर्मेंद्र समेत कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान धर्मेंद्र से भी CID को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।अब CID ने JPSC के तीन सदस्यों को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया है। सोमवार से इनसे पूछताछ शुरू होने की जानकारी है।

आरोपों की सच्चाई खंगाल रही CID

CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी में आयोग के सदस्यों की क्या भूमिका थी और अभय तिवारी ने अपने बयान में जो आरोप लगाए हैं, वे कितने सही हैं। इसके लिए सभी संबंधित लोगों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।