रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच अब और तेज होती नजर आ रही है। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने अब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को नोटिस जारी किया है। उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। वहीं, इसी मामले में मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

JSSC के अधिवक्ता से होगी पूछताछ

एसआईटी की जांच का दायरा अब परीक्षा से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं तक पहुंच गया है। संजय पिपरवाल से परीक्षा मामले से संबंधित कानूनी दस्तावेजों, अदालत में आयोग की ओर से पेश की गई दलीलों और मामले के दौरान लिए गए प्रशासनिक निर्णयों को लेकर जानकारी ली जा सकती है।

जांच टीम परीक्षा प्रक्रिया के दौरान आयोग, परीक्षा एजेंसी और अन्य संबंधित पक्षों के बीच हुए पत्राचार और लिए गए फैसलों की भी पड़ताल कर रही है। एसआईटी इस मामले में पहले ही कई अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

अभय तिवारी की पत्नी और भाई पर फैसला सुरक्षित

जेएसएससी सीजीएल भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

सीआईडी ने दोनों आरोपियों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 28 अगस्त को दोनों की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई थी। जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर चुकी है।

JPSC केस में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक को राहत नहीं

दूसरी ओर, जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में आरोपी पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।

श्वेता कुमारी गुप्ता को सीआईडी ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इस मामले में जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते समेत करीब दो दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दो अलग मामलों में जांच और न्यायिक कार्रवाई जारी

जेएसएससी सीजीएल और जेपीएससी से जुड़े मामलों में एक ओर सीआईडी की जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई चल रही है। एसआईटी द्वारा आयोग से जुड़े लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बीच आने वाले दिनों में जांच में और तथ्य सामने आने की संभावना है।