बाहरी दिल्ली में निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को तोड़े जाने के मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में कार्रवाई करते हुए उन्होंने जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता (Vikas Kumar Gupta) को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह पशु आश्रय स्थल पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा का है। जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को तोड़े जाने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। पशु आश्रय स्थल को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी के मुताबिक, बाहरी दिल्ली में जागृति मिश्रा के बताए जा रहे निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया और विपक्षी आम आदमी पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच करने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जांच में जागृति मिश्रा की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता के निलंबन की कार्रवाई की गई।

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने के निर्देश

इससे पहले जागृति मिश्रा के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने आरोपी जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच करने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले में अन्य संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।

AAP ने सरकार को घेरा

पशु आश्रय स्थल तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष ने इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए। वहीं, मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने, शिकायतकर्ता से मुलाकात करने और जांच के आदेश देने के बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई।

70 लाख रुपये की लागत से बन रहा था पशु आश्रय

जागृति मिश्रा ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ और ‘स्ट्रीट वर्ल्डज़’ नामक गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के माध्यम से आवारा, घायल और बेसहारा जानवरों की देखभाल करती हैं। वह दिल्ली में अपनी जमीन पर इन जानवरों के लिए पशु आश्रय और गौशाला का निर्माण करवा रही थीं। बताया गया है कि इस सुविधा के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान था। इसके लिए जागृति मिश्रा ने आम जनता से आर्थिक सहयोग जुटाया था। इसी निर्माणाधीन परिसर को तोड़े जाने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

निर्माण के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

जागृति मिश्रा ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर कार्रवाई होने से चार दिन पहले एक व्यक्ति ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। उनके मुताबिक, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के एक पार्षद का नाम लेते हुए आश्रय स्थल का निर्माण जारी रखने के बदले पैसे मांगे थे। हालांकि, रिश्वत मांगने के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है। आरोप में जिस पार्षद का नाम कथित तौर पर लिया गया, उसकी भूमिका भी जांच का विषय है।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच और पुलिस कार्रवाई के निर्देश

जागृति मिश्रा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने के भी निर्देश दिए। जांच में जागृति मिश्रा की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद विकास कुमार गुप्ता को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट को पशु आश्रय के निर्माण में जागृति मिश्रा की सहायता करने को कहा और मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया।

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