दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स में जून में हुई घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने 50 वर्षीय डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) पर अपनी घरेलू सहायिका की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस बात से नाराज था कि घरेलू सहायिका ने उसके क्लिनिक की सफाई करने के उसके कहने के बजाय उसकी पत्नी की बात को अधिक महत्व दिया था। पुलिस ने आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बात को भी खारिज किया है। पुलिस ने साकेत कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरान के सामने 340 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। मामले में चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर विचार के लिए अदालत ने 18 सितंबर की तारीख तय की है।

चार्जशीट के मुताबिक, डॉक्टर मनीष गुप्ता माउंट कैलाश अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट से सटे डर्मेटोलॉजी क्लिनिक का संचालन करते थे। पुलिस ने उन्हें 18 जून को 45 वर्षीय घरेलू सहायिका मीना हलदर की कथित तौर पर पिटाई करने और हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि गुप्ता पिछले कुछ समय से हलदर के काम से नाराज थे। उन्होंने कथित तौर पर कई बार अपनी पत्नी से हलदर को काम से हटाने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को लगता था कि हलदर उसकी बातों को नहीं मानती थीं और केवल उसकी पत्नी के निर्देशों को प्राथमिकता देती थीं। इन आरोपों के समर्थन में पुलिस ने हलदर के बेटे का बयान भी दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, बेटे ने बताया कि उसकी मां ने शिकायत की थी कि डॉक्टर गुप्ता अक्सर उसके काम से नाखुश रहते थे और उसे डांट-फटकार लगाते थे।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दलील पर पुलिस ने क्या कहा?

चार्जशीट में डॉक्टर मनीष गुप्ता और उनके परिवार की ओर से दिए गए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी तर्क का भी उल्लेख किया गया है। परिवार ने कथित तौर पर बताया था कि गुप्ता मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे थे और कई वर्षों से एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं ले रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की मानसिक जांच कराई गई और उसके पुराने मेडिकल रिकॉर्ड तथा दवाओं की पर्चियों की भी जांच की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि हाल के समय में उसके व्यवहार में किसी बदलाव का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जांच के दौरान डॉक्टर गुप्ता ने कथित तौर पर अधिकारियों को बताया था कि वह अपने बेटे की पढ़ाई को लेकर परेशान थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस चिंता को अपराध से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत जांच में सामने नहीं आया।

‘गंदी क्लिनिक’ को लेकर विवाद का आरोप

दिल्ली के कैलाश हिल्स में घरेलू सहायिका मीना हलदर की हत्या के मामले में पुलिस की चार्जशीट में घटना से पहले के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस के मुताबिक, हलदर करीब 16 वर्षों से डॉक्टर मनीष गुप्ता के परिवार के लिए काम कर रही थीं। चार्जशीट के अनुसार, 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे हलदर रोजमर्रा के काम के लिए गुप्ता के घर पहुंची थीं। पुलिस के मुताबिक, गुप्ता की पत्नी सुबह करीब 10 बजे करोल बाग स्थित अपने आयुर्वेदिक क्लिनिक चली गई थीं, जबकि उनका 18 वर्षीय बेटा अपने कमरे में सो रहा था। पुलिस का आरोप है कि गुप्ता ने हलदर से अपने फ्लैट से सटे डर्मेटोलॉजी क्लिनिक की सफाई करने को कहा था, क्योंकि सुबह 11 बजे से मरीजों के आने की उम्मीद थी। पुलिस के अनुसार, जब गुप्ता क्लिनिक पहुंचे तो उन्होंने उसे गंदा पाया और हलदर को डांटा।

इसके बाद पुलिस के मुताबिक, गुप्ता ने हलदर से छत पर बने स्टोररूम की सफाई करने को कहा। चार्जशीट में आरोप है कि हलदर के स्टोररूम में जाने के बाद गुप्ता ने उन पर हमला किया। पुलिस के अनुसार, हलदर वहां से निकलकर छत पर पहुंचीं, जिसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उनका पीछा किया और उन पर चाकू से हमला किया। चार्जशीट के मुताबिक, सुबह करीब 11:40 बजे एक पड़ोसी ने हलदर को छत पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा और पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर मनीष गुप्ता को उनके अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया था।

चार्जशीट में 43 गवाहों के नाम, पुलिस ने पेश किए परिस्थितिजन्य साक्ष्य

कैलाश हिल्स में घरेलू सहायिका मीना हलदर की हत्या के मामले में दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने 43 गवाहों के नाम शामिल किए हैं। चार्जशीट मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। पुलिस के मुताबिक, अहम गवाहों में एक पड़ोसी भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर इमारत की नौवीं मंजिल से घटना को देखा था। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि डॉक्टर मनीष गुप्ता के कपड़ों से मिला खून मीना हलदर के खून से मेल खाता है। गुप्ता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, गुप्ता के वकील एडवोकेट कमल नयन तिवारी ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। वकील के मुताबिक, पुलिस ने पहले मामले में काले जादू का आरोप लगाया था और अब गुप्ता तथा उनकी पत्नी के बीच घरेलू सहायिका को काम पर रखने को लेकर विवाद की थ्योरी सामने रखी गई है। बचाव पक्ष ने इन दावों को पुलिस की थ्योरी बताते हुए कहा कि जांच एजेंसी असली आरोपी का पता नहीं लगा पा रही है। वकील ने यह भी दावा किया कि जिस छत पर शव मिला था, वहां आने-जाने के कई रास्ते हैं। उनके मुताबिक, किसी चश्मदीद ने यह नहीं कहा कि गुप्ता ने ही हत्या की थी।

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