कैथल। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने अधिकारियों और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि नायब सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करेगी। उन्होंने मंडी में धान की ढेरियों पर पहुंचकर नमी मापक यंत्र से फसल की नमी की जांच भी करवाई।

इस दौरान कुछ किसानों ने मंत्री को बताया कि उनकी धान की फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है और उन्हें फसल लेकर दो-तीन मंडियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों की शिकायत पर मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों खरीद एजेंसियों को बराबर तालमेल के साथ धान खरीद करने को कहा।

270 आढ़त की दुकानों में एजेंसियों को दी गई जिम्मेदारी

कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि कैथल में कुल 270 आढ़त की दुकानें हैं। इनमें 1 से 90 नंबर तक वेयरहाउस, 91 से 180 तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और 181 से 270 नंबर तक की दुकानों पर हैफेड द्वारा धान की खरीद की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की धान की ढेरी से ऊपर और नीचे, दोनों स्थानों से सैंपल लिए जाएं। यदि नमी अधिक है तो किसानों को फसल को कुछ समय हवा लगाकर सुखाने के लिए समझाया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मंत्री ने एसडीएम संजय कुमार को निर्देश दिए कि तीनों खरीद एजेंसियों द्वारा की जा रही खरीद की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि खरीद प्रक्रिया में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मंडियों से धान के उठान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मंडियों में फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह बनी रहे और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण से जुड़ी किसानों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि 7 और 8 अक्टूबर को पोर्टल खुला है। किसान इस दौरान अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। मंडियों में पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है और इस कार्य के लिए कमेटी भी गठित की गई है, जो किसानों के पंजीकरण में सहयोग करेगी।

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में धान की फसल लाने से पहले उसे अच्छी तरह सुखाकर लाएं, ताकि नमी के कारण खरीद में किसी तरह की दिक्कत न आए।