करनाल, 22 सितंबर। जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्ययोजना के क्रियान्वयन और सुदृढ़ीकरण को लेकर जिला सचिवालय सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। यह कार्ययोजना सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

बैठक में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर व्यापक चर्चा की गई। इनमें औद्योगिक प्रदूषण, नगर ठोस कचरा एवं बायोमास जलाना, कृषि अवशेष और पराली जलाना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण एवं विध्वंस कार्यों से उत्पन्न धूल, डीजल जनरेटर सेट तथा सड़कों की धूल शामिल रही। इन सभी क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी तरीके से बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने संबंधित विभागों को सिटी एक्शन प्लान के तहत IEC गतिविधियों के लिए आवश्यक सुझाव और इनपुट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना को गंभीरता और प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर आम लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।

बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) करनाल, शहरी स्थानीय निकाय, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, यूएचबीवीएन, कृषि विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जन-जागरूकता के लिए होंगे कई कार्यक्रम

IEC अभियान के तहत कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, रेडियो जिंगल, नुक्कड़ नाटक और विद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भी लोगों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

अभियान का उद्देश्य नागरिकों के साथ-साथ किसानों, उद्योगों, वाहन चालकों, निर्माण एजेंसियों और अन्य हितधारकों को अभियान से जोड़ना है, ताकि वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास सुनिश्चित किए जा सकें।