Karnal Cooperative Society Scam : करनाल। सहकारी समिति के खाताधारकों की शिकायतों के बाद अब दो पूर्व पदाधिकारियों की संपत्ति कर्क करने की कार्रवाई होने जा रही है। करनाल स्थित द न्यू करनाल को-ऑपरेटिव मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड के मामले में सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां कार्यालय ने यह कदम उठाया है। दोनों पूर्व पदाधिकारियों की चल और अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए गए हैं।

इस मामले की शुरुआत वर्ष 2023-24 में हुई थी। उस दौरान करीब 160 खाताधारकों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद समिति के रिकॉर्ड की जांच की गई। करीब एक साल तक चली जांच में बैंक खातों के विवरण, पासबुक, लेजर, कैशबुक और अन्य दस्तावेजों को खंगाला गया।

जांच के बाद समिति के पूर्व पदाधिकारी भगवान सिंह गिल और मीनू खन्ना के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। सहायक रजिस्ट्रार अदिति संगर ने हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम के तहत सरचार्ज कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। जांच में दोनों को समिति के खातों में हुए कथित गबन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

2.14 करोड़ रुपये लौटाने की जिम्मेदारी

मामले में मई 2024 में करनाल पुलिस से एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद रामनगर थाना में एफआईआर दर्ज हुई। वहीं, सहकारी विभाग की कार्रवाई के तहत दोनों पूर्व पदाधिकारियों को संयुक्त और अलग-अलग रूप से 2,14,48,741 रुपये लौटाने के लिए उत्तरदायी ठहराया गया। इस राशि पर 18 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। इसके लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया गया था।

हरियाणा और पंजाब में संपत्ति होने की सूचना

कार्रवाई के दौरान विभाग को जानकारी मिली कि दोनों पूर्व पदाधिकारियों की हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर संपत्तियां हैं। विभाग के अनुसार, नोटिस जारी होने के बावजूद वे कार्रवाई के किसी भी चरण में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय ने 9 अक्टूबर को उनकी चल और अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए।

अब इस कार्रवाई के जरिए समिति की रकम की वसूली का रास्ता तैयार करने की कोशिश की जा रही है। मामले में करीब 160 खाताधारकों की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच अब संपत्ति कुर्क करने के आदेश तक पहुंच गई है।

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