निसिंग (करनाल)। हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग क्षेत्र में दो युवकों को इंग्लैंड भेजने के नाम पर 56 लाख रुपये ठगने और बाद में फर्जी कनाडियन वीजा थमाने का बड़ा मामला सामने आया है। बीती 7 अगस्त को मिली शिकायत और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अब केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने युवकों को इंग्लैंड भेजने का झांसा देकर रकम ली, लेकिन वे विदेश में दो महीने तक डिटेंशन सेंटर में बंद रहे। इसके बाद पैसे वापस करने के बजाय आरोपियों ने कनाडा का फर्जी वीजा थमाकर 2.45 लाख रुपये और ऐंठ लिए।
56 लाख में तय हुआ था इंग्लैंड का सौदा, दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही फंसे युवक
निसिंग निवासी राहुल ने एसपी करनाल को दी शिकायत में बताया कि सोनू (निवासी झिरकपुर) ने उसकी मुलाकात अंबाला निवासी राजन से कराई थी। राजन ने राहुल के चचेरे भाई प्रदीप और गांव ओगंद निवासी शक्ति को 56 लाख रुपये में इंग्लैंड भेजने का सौदा तय किया था। शर्त यह थी कि पैसे इंग्लैंड पहुंचने के बाद दिए जाएंगे। इसके बाद दोनों युवकों को दिल्ली भेजा गया, जहां से उन्हें फ्लाइट में बैठाया गया। हालांकि, दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और डिटेंशन सेंटर में डाल दिया।
डिटेंशन सेंटर से निकालने के नाम पर वसूले 44 लाख, फिर भी भारत डिपोर्ट हुआ एक युवक
युवकों के पकड़े जाने के बाद आरोपी राजन ने उन्हें बाहर निकलवाने के एवज में 56 लाख रुपये मांगे। घबराए परिजनों ने 12 लाख रुपये नकद और 32 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से राजन और उसके साथी अनुज भास्कर के खातों में ट्रांसफर कर दिए। 44 लाख रुपये लेने के बावजूद आरोपियों ने दोनों को बाहर नहीं निकाला। आखिरकार परिजनों ने खुद वकील कर प्रदीप को बाहर निकलवाया, जबकि शक्ति को डिपोर्ट होकर भारत लौटना पड़ा। दोनों युवक करीब दो महीने तक डिटेंशन सेंटर में बंद रहे।
26 लाख मांगे तो बीच में आया जमानती, कनाडा भेजने के नाम पर दे दिया फर्जी वीजा
शक्ति के भारत लौटने पर परिजनों ने उसकी हिस्से की 26 लाख रुपये की रकम वापस मांगी। इस पर राजन ने गांव चौरकारसा (असंध) निवासी परमजीत को जमानती के रूप में बीच में ला खड़ा किया। परमजीत ने पैसे लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की। इसी बीच परमजीत ने शक्ति के चाचा रणबीर से दो अन्य युवकों (करण और अरुण) को कनाडा भेजने के नाम पर पासपोर्ट ले लिए। उसने वीजा का झांसा देकर 2 लाख रुपये नकद और 45 हजार रुपये ऑनलाइन ऐंठ लिए। जब पुलिस जांच हुई तो दोनों वीजा पूरी तरह फर्जी पाए गए।
चेक और शपथ पत्र भी दिए, पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
ठगी का शिकार हुए पीड़ितों को झांसे में रखने के लिए आरोपी राजन ने शपथ पत्र और चेक भी दिए थे, जो बाद में बेकार साबित हुए। पीड़ितों की शिकायत पर निसिंग थाना पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई स्वदेश को सौंपी गई है। पुलिस अब पीड़ितों के बकाया 28 लाख 45 हजार रुपये दिलवाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जांच में जुटी है।
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