करनाल, 26 सितंबर: खरीफ सीजन 2026-27 में धान की कटाई और खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने अहम निर्देश जारी किए हैं। जिलाधीश डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन और मंडियों में धान लेकर आने वाले वाहनों की आवाजाही को लेकर आदेश जारी किया है। प्रशासन का मकसद मंडियों में भीड़ और ट्रैफिक जाम को रोकने के साथ किसानों को परेशानी से बचाना है।

सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी कंबाइन

जारी आदेश के मुताबिक करनाल जिले में धान की कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही किया जा सकेगा। हालांकि यह व्यवस्था मौसम और खेतों की परिस्थितियों के अनुकूल होने तथा सक्षम अधिकारियों की ओर से जारी अन्य निर्देशों के अधीन रहेगी।

प्रशासन के अनुसार देर शाम, रात या सुबह ओस के कारण खेतों में नमी अधिक हो सकती है। ऐसे समय कंबाइन से कटाई करने पर धान में निर्धारित सीमा से अधिक नमी आने की संभावना रहती है, जिससे खरीद के साथ-साथ सुखाने, भंडारण और मिलिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए

खरीद केंद्रों पर पहुंचने वाले धान में निर्धारित नमी मानकों का पालन करना जरूरी होगा। वर्तमान में धान के लिए 17 प्रतिशत नमी सीमा निर्धारित है। प्रशासन ने किसानों से मौसम और खेत की अनुकूल परिस्थितियों में पकी हुई फसल की कटाई करने की अपील की है।

जरूरत पड़ने पर किसानों को धान को उचित तरीके से सुखाने के बाद ही उसे मंडी या खरीद केंद्र पर लाने की सलाह दी गई है।

टोकन और गेट पास के आधार पर मंडियों में प्रवेश

धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को मंडियों व खरीद केंद्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए टोकन, गेट पास और संबंधित विभागों की ओर से लागू व्यवस्था का पालन करना होगा।

निर्धारित समय से पहले पहुंचने वाले वाहनों को, जहां ऐसी व्यवस्था लागू होगी, पार्किंग या स्टेजिंग क्षेत्र में खड़ा किया जाएगा। सार्वजनिक मार्ग, हाईवे और मंडियों के प्रवेश-निकास रास्तों पर इस तरह वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे यातायात बाधित हो।

जाम रोकने के लिए किए जाएंगे विशेष इंतजाम

प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक और संबंधित उपमंडल अधिकारियों को मंडी समितियों व अन्य विभागों के साथ समन्वय कर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन, स्टेजिंग एरिया और अन्य ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था लागू की जा सकेगी।

संयुक्त टीमें रखेंगी पूरी व्यवस्था पर नजर

धान खरीद और कंबाइन संचालन की निगरानी के लिए कृषि विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी, पुलिस विभाग और अधिकृत अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन टीमें गठित की जा सकती हैं।

ये टीमें कंबाइन हार्वेस्टर के निर्धारित समय में संचालन, नियमों की पालना, स्ट्रॉ मैनेजमेंट से जुड़ी आवश्यकताओं और मंडियों में धान की आवक पर नजर रखेंगी।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी मामले में पर्यावरण, कृषि, प्रदूषण नियंत्रण या अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान लागू होता है, तो सक्षम अधिकारी उसके तहत भी कार्रवाई कर सकेंगे।

यह आदेश 23 सितंबर 2026 से प्रभावी है और सक्षम प्राधिकारी की ओर से इसे संशोधित, निरस्त या विस्तारित किए जाने तक लागू रहेगा।