अनूप दुबे, ढीमरखेड़ा (कटनी)। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना किस तरह मैदानी स्तर पर लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों की भेंट चढ़ रही है, इसकी बानगी कटनी जिले में देखने को मिल रही है। जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कछार गांव छोटा में 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आज भी यहां के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए हैंडपंपों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।

सड़कें खुदवाईं, टंकी निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप

ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि करीब 3 साल पहले जल जीवन मिशन के तहत लगभग 1 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से नल-जल योजना का कार्य ठेकेदार द्वारा शुरू कराया गया था। लेकिन काम में भारी लापरवाही बरती गई है। ठेकेदार ने गांव की सड़कें खोदकर छोड़ दी हैं, जिनकी मरम्मत न होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा, पाइपलाइन डालने के नाम पर महज औपचारिकता निभाई गई है और घरों तक कनेक्शन नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया रेत का इस्तेमाल किया गया है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री और कलेक्टर से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

योजना का लाभ न मिलने से आक्रोशित ग्राम पंचायत सरपंच और ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।

पीएचई विभाग का पक्ष

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएचई (PHE) विभाग के एसडीओ मोहित तिवारी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा लगभग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जो भी कार्य शेष बचा है, उसे जल्द पूरा करवाकर योजना ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दी जाएगी। वर्तमान में पंप ऑपरेटर को लेकर योजना के संचालन में कुछ समस्याएं आ रही हैं, जिनका बहुत जल्द निराकरण करवा दिया जाएगा।

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