किशनगंज। जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन हाथियों के कहर से इलाके में दहशत और खौफ का माहौल है। ताजा मामला जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांगी गांव का है, जहां बुधवार की अलसुबह अचानक दो जंगली हाथियों ने रिहायशी इलाके में घुसकर भारी उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों के हमले की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

​धान की फसल रौंदी

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक दो विशालकाय जंगली हाथी गांव की ओर दाखिल हुए। हाथियों ने आते ही खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को बुरी तरह रौंदना शुरू कर दिया। सुबह-सुबह अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी भगदड़ और आपाधापी के दौरान अलताबाड़ी निवासी मोफीज आलम और दरनिया गांव का एक छोटा बच्चा हाथियों के सीधे संपर्क में आ गए और गंभीर रूप से कुचलकर घायल हो गए

बुजुर्ग ने तोड़ा दम

घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए बहादुरगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद दोनों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, ले जाने के क्रम में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग मोफीज आलम की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, घायल मासूम बच्चे का इलाज जारी है, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

​धनतोला के बाद गांगी में हमला

​घटना की सूचना मिलते ही बहादुरगंज पुलिस थाना और वन विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फॉरेस्ट अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि बीते मंगलवार को भी दिघलबैंक प्रखंड के धनतोला इलाके में इन्हीं हाथियों ने भारी उत्पात मचाया था। हाथियों के लगातार हिंसक रुख को देखते हुए वन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौके से आम लोगों की भीड़ को सुरक्षित हटा दिया गया है और वन विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस घने जंगलों की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।