कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़ा प्रकरण काफी सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री सह जेडीयू के कद्दावर नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस पूरे विवाद पर एक स्पष्ट और बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। ललन सिंह ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि वे किसी का झगड़ा सुलझाने वाले नहीं हैं, बल्कि उनका मुख्य फोकस सिर्फ और सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र और राज्य के विकास पर है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कुछ दिन पहले एक बयान दिया था। संजय झा का कहना था कि यह पूरा मामला केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए वही इस पर संज्ञान लेंगे और इस विवाद को सुलझाएंगे। पार्टी के दूसरे शीर्ष नेता के इस बयान के बाद माना जा रहा था कि ललन सिंह इस मामले में मध्यस्थता कर सकते हैं और दोनों पक्षों के बीच सुलह करा सकते हैं।
लेकिन, एक सार्वजनिक कार्यक्रम के मंच से ललन सिंह ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने बड़े ही स्पष्ट अंदाज में इस विवाद से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अगर दोनों पक्ष खुद से मिलने को तैयार होते हैं, तो वे उन्हें मिलवा सकते हैं, लेकिन वे किसी की व्यक्तिगत लड़ाइयां सुलझाने का ठेका नहीं लेते हैं। ललन सिंह के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ विकास कार्य और जनहित के मुद्दे हैं। वे अपने क्षेत्र के विकास को लेकर जो भी बातें होंगी, उन पर पूरी ईमानदारी से अमल करेंगे, लेकिन ऐसी बयानबाजी और विवादों में पड़ने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।

