Lalu Yadav: राजद सुप्रीमो लालू यादव ने सरकारी कर्मचारियों के हित में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा किया है, जिसमें वह त्योहारों के बीच बोनस का जिक्र करते हुए सरकार को जमकर घेरते हुए नजर आ रहे हैं। लालू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों को बस अपनी कमाई का साधन बना लिया है। उन्होंने सदन में दिए गए अपने भाषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा- “जब जेब खाली हो तो त्योहार कितना फीका और नीरस होता है। इस पीड़ा को मैं भोगा हूं।”

लालू यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि, रेलमंत्री रहते हुए मैंने पिछले सारे रिकॉर्ड को तोड़ते हुए रेलवे में कार्यरत लाखों कर्मचारियों को पहली बार दशहरा, ईद, होली, दीपावली, छठ इत्यादि प्रमुख त्योहारों पर 70 दिन का बोनस दिया। हमने साफ साफ यह कहा कि “कमाओ, जनता की सेवा करो, रेलवे को फायदा पहुंचाओ। कमाई हम तुमलोगों में ही बांटेंगे”

राजद सुप्रीमो ने कहा कि, आज बहुत पीड़ा होती है, जब देखता हूं कि सत्ता पर काबिज पूंजीवादी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बस अपनी कमाई का साधन और अपने निजी प्रचार प्रसार का जरिया समझ लिया है। इन भाजपाई लोगों ने सरकारी कर्मचारियों का पेंशन छीन लिया। बोनस तो दूर की बात है, समय पर वेतन भी नहीं मिलता। ऊपर से छाती पर लात धर, आए दिन नया टैक्स और कमरतोड़ महंगाई।

लालू यादव ने कहा कि, सरकार का काम सिर्फ जनता का खून चूसकर टैक्स वसूलना और गरीबों के मुंह से निवाला छीनकर धन्नासेठों का करोड़ों अरबों का कर्ज माफ करना नहीं होता है। एक सरकारी कर्मचारी जो अपनी जान झोंककर अपनी क्षमता अनुसार देश की सेवा में अपना योगदान देता है, कमाकर सरकार की तिजोरी भरता है, उसकी आर्थिक सहायता हर सरकार का कर्तव्य है, दायित्व है।

अंत में उन्होंने विजयदशमी और दशहरा के पावन पर्व की समस्त देशवासियों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी और भगवान राम से महंगाई रूपी रावण का संहार करने को प्रार्थना की। राजद सुप्रीमो ने कहा कि, जनता के जेब की लूट हर हाल में बंद होनी चाहिए।

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