कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से कथित गैंगरेप (Kalkaji gang-rape) की घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) ने पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने दिल्ली के सभी पार्कों का एक सप्ताह के भीतर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। उपराज्यपाल ने बुधवार को इस संबंध में दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि MCD कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और DDA के उपाध्यक्ष के साथ बैठक में राजधानी के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

उपराज्यपाल ने कहा कि सेफ्टी ऑडिट के दौरान पार्कों में पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑडिट के जरिए ऐसे स्थानों की पहचान करने पर भी जोर रहेगा, जहां सुरक्षा से जुड़ी कमियां मौजूद हैं, ताकि उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली पुलिस पार्कों के आसपास ‘पिंक पुलिस’ कर्मियों की तैनाती के साथ बीट पेट्रोलिंग को मजबूत करेगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। वहीं, DDA और MCD पार्कों के नियमित रखरखाव के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), निजी संस्थाओं और स्थानीय शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार करेंगे। इसका उद्देश्य पार्कों की स्वच्छता, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आसानी से सुलभ पार्क जरूरी हैं। उन्होंने पार्कों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।

कालकाजी गैंगरेप का मामला क्या है

फरीदाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय लड़की के साथ सोमवार शाम कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक आसिफ गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुआ था। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और पीड़िता तथा उसके पुरुष मित्र को धमकाकर पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गए। इसके बाद नाबालिग के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।

पुलिस के मुताबिक, घटना पार्क के भीतर एक जर्जर पुरानी इमारत में हुई। गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ के अलावा हेमंत और उसका भाई मुकेश शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हेमंत पेशे से वकील है, जबकि मुकेश बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है। दोनों फरीदाबाद के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली के श्रीनिवासपुरी में रह रहे थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की आगे जांच कर रही है।

आरोपी एक-दूसरे को जानते थे

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। वे पार्क के आसपास रहते और काम करते थे और अक्सर वहां मिलते भी थे। पुलिस के मुताबिक, अमर कॉलोनी निवासी आसिफ ओखला मंडी में प्याज के थोक कारोबारी के तौर पर काम करता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या तीनों आरोपी पार्क में हुई किसी अन्य ऐसी घटना में भी शामिल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस तरह की किसी अन्य घटना को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं कोई और पीड़िता तो नहीं है।

गिरफ्तारी के दौरान आसिफ ने की फायरिंग: पुलिस

अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार तड़के अमर कॉलोनी में डीएम ऑफिस रोड के पास पुलिस टीम ने आसिफ को रोकने की कोशिश की। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान उसने तीन राउंड फायरिंग की। एक गोली हेड कॉन्स्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में दो राउंड फायर किए गए, जिनमें से एक गोली आसिफ के दाहिने पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मंदिर से पार्क पहुंची थी नाबालिग

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह अपने 17 वर्षीय पुरुष मित्र के साथ दर्शन के लिए कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों गेट नंबर-7 से आस्था कुंज पार्क में दाखिल हुए। अधिकारियों के अनुसार, पार्क में तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दोनों से संपर्क किया। उन्होंने कथित तौर पर पुलिस और कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए दोनों को धमकाया और कहा कि वे नाबालिग हैं तथा कुछ गलत कर रहे हैं, जिसके लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया और उसे पार्क के सुनसान हिस्से में ले गए। वहां कथित तौर पर आरोपियों ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जबकि उसके दोस्त को भी धमकाकर अपने नियंत्रण में रखा गया। मामले की जांच जारी है।

दोस्त से मारपीट के बाद की गई PCR कॉल

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता के पुरुष मित्र के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की। इसके बाद उसके मोबाइल फोन से पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को कॉल की गई। पुलिस का आरोप है कि आसिफ ने बंदूक और चाकू दिखाकर पीड़िता को धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के मुताबिक, दो अन्य आरोपियों ने भी कथित तौर पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीनों ने लड़की और उसके दोस्त को धमकी दी। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण AIIMS में कराया गया। वहीं, क्राइम और फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। अमर कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आरोपियों के पिता ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

हेमंत और मुकेश के माता-पिता फरीदाबाद में रहते हैं। उनके पिता जे.आर. धनखड़ फरीदाबाद और दिल्ली की अदालतों में वकालत करते हैं। अमर कॉलोनी थाने के बाहर पत्रकारों से बातचीत में धनखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस मंगलवार सुबह करीब 7 बजे उनके बेटों को घर से ले गई, लेकिन हिरासत में लिए जाने का कारण नहीं बताया। धनखड़ ने अपने बेटों को मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पीड़िता को नहीं जानते और उनका घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पुलिस पर उनके बेटों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप धनखड़ की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। धनखड़ के मुताबिक, हेमंत दिल्ली की साकेत कोर्ट में वकील हैं, जबकि मुकेश बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है। वहीं, पुलिस ने बताया कि पीड़िता फरीदाबाद की रहने वाली है और सोमवार शाम दिल्ली आई थी।

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