कुंदन कुमार, पटना। रानी तलाब थाने की पुलिस पर एक LIC एजेंट ने थाने में बंद कर उसके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित उपेंद्र कुमार का दावा है कि पुलिस ने उसे थाने में ले जाकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह उसकी पिटाई की है। उसके शरीर पर चोट के कई निशान भी मौजूद हैं। फिलहाल पटना के PMCH में उसका इलाज चल रहा है।
थाने में 3 घंटे तक पिटाई करने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक यह घटना बीते 21 सितंबर की देर रात करीब डेढ़ बजे की है, जब पुलिस की टीम पतूत गांव स्थित उसके घर पहुंची थी। पीड़ित LIC एजेंट ने बताया कि ट्रक चोरी के एक मामले में पुलिस उसके भाई नरेंद्र कुमार की तलाश कर रही थी। भाई के नहीं मिलने पर उसे पूछताछ के लिए रानी तलाब थाने ले जाया गया था। इस दौरान थाने में उसके साथ करीब 3 घंटे तक उसकी पिटाई की गई। पीड़ित ने बताया कि वह अपने भाई से अलग रहता है और LIC में काम करता है।
छाती पर पैर रखा, पेशाब के रास्ते बहा खून
पीड़ित LIC एजेंट ने यह भी बताया कि, थाने में उसे रसोईघर के पास बने एक कमरे में ले जाया गया। वहां पुलिसकर्मियों ने उसकी छाती पर पैर रखा और लाठी-डंडे के साथ लोहे की रॉड से उसकी पिटाई की। उसने यह दावा किया कि इस दौरान डंडों से उसे करीब 400 से ज्यादा बार मारा गया। उसने बताया कि पिटाई के बाद जब पेशाब के रास्ते खून बहने लगा तो उसे पहले बिक्रम PHC ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे PMCH रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। LIC एजेंट ने बताया कि 22 सितंबर को 2 लाख के बॉन्ड पर उसे छोड़ दिया गया।
परिवार की महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
वहीं, दूसरी ओर परिवार का कहना है कि जब पुलिस उनके घर पहुंची थी तो पुलिस कर्मियों ने घर की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की थी। पीड़ित के परिवार ने रानी तलाब थानाध्यक्ष श्रवण कुमार, जीतन छपरा ओपी प्रभारी, एसआई अरुण कुमार, होमगार्ड जवान राजीव कुमार और चालक सोनू पर मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की शिकायत गृह विभाग, DGP कार्यालय, मानवाधिकार आयोग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात कही है।
सिटी एसपी ने दिए जांच के आदेश
पीड़ित परिवार ने पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी है, जिसके बाद सिटी एसपी ने पालीगंज डीएसपी-2 पंकज शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर घटना की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ रानी तलाब थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने LIC एजेंट और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। फिलहाल अब जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सही जानकारी सामने आ पाएगी।
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