कुंदन कुमार, पटना। लोकभवन मार्च के तहत विधानसभा के समक्ष महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विधानसभा के सामने महागठबंधन के कार्यकताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे भी लगाए।
इस दौरान बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि, हम लोगों को प्रदर्शन के दौरान डिटेन कर लिया गया और लोक भवन ले जाया गया, जहां पर राज्यपाल ने हम लोगों ने मुलाकात किया और हमलोगों ने उनके सामने अपनी बातों को रखा।
‘राज्यपाल ने दिया विचार का आश्वासन’
राजेश राम ने कहा कि, राज्यपाल ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां, जो कह रही हैं, उस बात को हम मानते हैं और कहीं ना कहीं उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस पर विचार करेंगे। राजेश राम ने साफ-साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए। उससे कम हम लोगों को कुछ मंजूर नहीं है।
‘ज्ञानेश कुमार को हटाना ही पड़ेगा’
राजेश राम ने कहा कि देश की सरकार आंदोलन को कुचलना चाह रही है। लेकिन ऐसा नहीं होगा। पूरा विपक्षी एकजुट है और एक साथ मिलकर हम लोग ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहते हैं। सरकार को निश्चित तौर पर ज्ञानेश कुमार को हटाना ही पड़ेगा।
तेजस्वी-सहनी समेत कई नेता गिरफ्तार
प्रदर्शन के दौरान पटना सचिवालय के पास तेजस्वी यादव ने बैरिकेंडिग को फांदकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद पुलिस ने तेजस्वी और मुकेश सहनी समेत विपक्ष के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान तेजस्वी ने कहा कि, ये तानाशाही है, जो कि गलत है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी। ज्ञानेश कुमार की इस्तीफा देना होगा।
तेजस्वी को गिरफ्तार कर जिस गाड़ी से लाया जा रहा था। उस गाड़ी के ऊपर राजद विधायक गौतम कुमार और महागठबंधन के कई कार्यकर्ता चढ़ गए। इस दौरान वे नारेबाजी भी कर रहे थे। मौके पर काफी देर तक हंगामे और अफरा-तफरी की स्थिति रही।
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