भुवनेश्वर: चक्रवात ‘अर्णव’ के असर और अवशेषों के कमजोर पड़ने के बीच मौसम विभाग ने एक और नए चक्रवातीय खतरे की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों के भीतर एक ‘वेल-मार्क्ड लो प्रेशर’ (स्पष्ट कम दबाव क्षेत्र) में तब्दील हो जाएगा और इसके अगले 24 घंटों में गहरे दबाव या और अधिक तीव्र रूप लेने की आशंका है।
इस बीच, चक्रवात ‘अर्णव’ के अवशेष जो पहले एक गहरे दबाव में तब्दील हो चुके थे, वे और कमजोर होकर अब एक साधारण डिप्रेशन के रूप में दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित हैं। हालांकि चक्रवात का मुख्य सिस्टम कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से पिछले कई दिनों से दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा के जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश जारी है, जिससे जनजीवन और नदियां प्रभावित हुई हैं।

नया कम दबाव क्षेत्र बनने के बाद मौसम वैज्ञानिकों ने इस पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस ताजा मौसमी सिस्टम के आगे की दिशा और तीव्रता को लेकर IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, सिस्टम के डिप्रेशन में बदलने के बाद ही इसकी सटीक दिशा (ओडिशा या आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने) और प्रभाव के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए तटीय और संवेदनशील जिलों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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