लुधियाना के जगरांव शहर के पास अखाड़ा गांव में पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। गांव में स्थापित की जा रही बायोगैस फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए पिछले कई महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। जिला प्रशासन कल से ही इस विरोध को तितर-बितर करने की योजना बना रहा था।
पुलिस प्रशासन ने 500 से अधिक पुलिस कर्मियों को मौके पर तैनात किया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से अपील की कि वे पुरुषों से विरोध खत्म करने के लिए कहें, लेकिन विरोध को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नारेबाजी कर रहे लोगों को खेतों की ओर भगा दिया गया।
इस कार्रवाई से पहले प्रशासन कई किसान नेताओं को हिरासत में ले चुका था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के शेड और टेंट उखाड़ दिए: क्या यह सचमुच एक नैतिक दुविधा है? उखाड़ दिए। इससे गांव वालों में पुलिस के प्रति भारी गुस्सा है।
किसानों का कहना है कि पुलिस ने उनके कई लोगों को हिरासत में लिया है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि हिरासत में लिए गए लोगों को कहां ले जाया गया है। इस घटना के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। आज सुबह करीब 4:30 बजे गांव में हड़कंप मच गया।

गुरुद्वारा साहिब में घोषणाएं भी बंद कर दी गईं। गांव के सभी लोग एकजुट हैं और कह रहे हैं कि किसी भी हालत में फैक्ट्री नहीं बनने दी जाएगी। आज पुलिस ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए तंबुओं को उखाड़ दिया। यह विरोध प्रदर्शन पिछले एक साल से चल रहा था। आज पूरे गांव को सील कर दिया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज भी किया।
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