शब्बीर अहमद/शिखिल ब्योहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में देर रात जारी हुई IPS अफसरों की तबादला सूची के बाद एक अनोखा और प्रशासनिक चूक का मामला सामने आया है, जिसके चलते राज्य की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। एक ही पद पर दो पुलिस अधीक्षकों की तैनाती को लेकर उठे विवाद के बाद जहां गृह विभाग को 24 घंटे के भीतर अपना आदेश बदलना पड़ा, वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं।
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गृह विभाग का अनोखा कारनामा और 24 घंटे में यू-टर्न
हाल ही में जारी ट्रांसफर सूची में 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक आनंद को 15वीं बटालियन विसबल इंदौर के साथ-साथ पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) इंदौर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह थी कि पीटीसी इंदौर में पहले से ही 2014 बैच की आईपीएस अफसर वाहिनी सिंह बतौर पुलिस अधीक्षक (SP) तैनात थीं। इस तरह देर रात जारी सूची से एक ही पद पर दो एसपी की तैनाती हो गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने 29 अक्टूबर को नया आदेश जारी कर 28 अक्टूबर के अपने ही आदेश को निरस्त कर दिया। अब वाहिनी सिंह ही पीटीसी इंदौर की एसपी बनी रहेंगी, जबकि अभिषेक आनंद के पास 15वीं वाहिनी इंदौर और नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार यथावत रहेगा।
तबादलों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में छिड़ी जंग
इस प्रशासनिक चूक और देर रात जारी हुए आदेश के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में लूट का खेल चल रहा है और सरकार तबादला उद्योग चला रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर हर 10-15 दिन में तबादले क्यों हो रहे हैं और आधी रात के अंधेरे में ही आदेश क्यों जारी किए जाते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि तबादलों को लेकर सरकार के पास कोई क्राइटेरिया नहीं है और अधिकारी इससे त्रस्त हो चुके हैं।
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कांग्रेस के इन आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने कहा कि ‘तबादला उद्योग’ चलाने वाले लोग आज सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तब मृत कर्मचारियों और सरपंचों तक के तबादले कर दिए जाते थे और एक आदेश के बाद अधिकारी आमद भी दर्ज नहीं करा पाते थे कि तीसरा आदेश आ जाता था। उन्होंने कहा कि सुशासन की परिभाषा वे लोग क्या जानें, जिनकी सोच ही नकारात्मक है।
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