हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो इंजीनियरों को भुगतान जारी करने के बदले 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

लोकायुक्त की स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (SPE) टीम ने मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए इंजीनियरों के नाम बालकुमार जैन और धीरेन्द्र कुमार नीमा हैं। बालकुमार जैन सहायक यंत्री (प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत व यांत्रिकी संभाग, इंदौर) हैं, जबकि धीरेन्द्र कुमार नीमा सब इंजीनियर (प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) हैं। 

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शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि बिल भुगतान जारी करने के एवज में इंजीनियरों ने 6% कमीशन की मांग की थी। इसमें बालकुमार जैन ने 4% यानी 60 हजार रुपये और धीरेन्द्र कुमार नीमा ने 2% यानी 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। ट्रैप लगाकर दोनों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। लोकायुक्त टीम ने दोनों इंजीनियरों को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए फ्लैग मार्च कर गिरफ्तार किया। आरोपी अब लोकायुक्त हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

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लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत लोकायुक्त हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की यह लगातार कार्रवाई सराहनीय है।

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