हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश केइंदौर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के सिलिकॉन सिटी इलाके में रहने वाले टैक्सी ड्राइवर अभिषेक पाटिल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड करने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें थाने के सब-इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ड्राइवर ने दावा किया कि एक्सीडेंट के बाद पुलिस ने उन पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी और मारपीट भी की।
कार छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये मांगे- अभिषेक
मामला सोमवार रात का है, जब अभिषेक पाटिल की टैक्सी का एक अन्य कार से एक्सीडेंट हो गया। अभिषेक ने वीडियो में कहा कि एक्सीडेंट में उनकी कोई गलती नहीं थी। फिर भी राजेंद्र नगर थाने के एसआई ने कार छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये मांगे। जब अभिषेक पैसे देने में असमर्थ हुए, तो एसआई ने उनके साथ मारपीट की और जेल भेजने की धमकी दी।
अभिषेक ने आरोप लगाया कि दूसरी कार वाला व्यक्ति एसआई का परिचित था और पुलिस ने शराब पीने का झूठा आरोप भी लगाने की कोशिश की। एक्सीडेंट वाली कार की मरम्मत कराने को अभिषेक तैयार थे, लेकिन पुलिस का दबाव बढ़ता गया।
अभिषेक ने वीडियो में कहा- मेरी कोई गलती नहीं थी
देर रात घर पहुंचकर अभिषेक पाटिल ने अपना आखिरी वीडियो रिकॉर्ड किया और परिजनों को भेज दिया। वीडियो में उन्होंने साफ कहा- “मेरी कोई गलती नहीं थी, फिर भी मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है।” थाने ले जाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों के व्यवहार को उन्होंने अच्छा बताया, लेकिन एसआई पर मुख्य आरोप लगाए। मंगलवार को अभिषेक ने पलाश परिसर में अपने किराए के फ्लैट में फांसी लगाकर जान दे दी।

