जींद के उचाना में एसीबी ने एक रिटायर्ड एसडीओ से रिश्वत मांगने के आरोप में महिला पटवारी और उसके पति को गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जिले में यह लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
जींद। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में बुधवार को उचाना में एसीबी की टीम ने एक महिला पटवारी और उसके पति को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। जिले में एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया है। इससे पूर्व एसीबी ने सिविल सर्जन कार्यालय के एक ड्राइवर और उचाना नगर पालिका सचिव को भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इस ताजा मामले में एसीबी की टीम ने महिला पटवारी नीलम और उसके पति सतीश के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
तक्सीम और इंतकाल के लिए रिश्वत
शिकायतकर्ता रामकुमार, जो बिजली बोर्ड से रिटायर्ड एसडीओ हैं, ने एसीबी को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें अपनी 15 एकड़ जमीन का तक्सीम और इंतकाल करवाना था। इस काम के लिए जब वे महिला पटवारी नीलम से मिले, तो उसने 15 हजार रुपये की मांग रखी। बाद में सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की निरीक्षक प्रमिला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। योजनाबद्ध तरीके से टीम ने उचाना तहसील के पास स्थित एक निजी दुकान पर जाल बिछाया, जहां रिश्वत की रकम सौंपते ही महिला पटवारी के पति सतीश को रंगे हाथों धर दबोचा गया।
आरोपी पति-पत्नी पुलिस की हिरासत में
गिरफ्तारी के वक्त महिला पटवारी नीलम मौके पर मौजूद नहीं थी, लेकिन बाद में उसे वहां बुलाया गया। जांच में सामने आया है कि पटवारी के निर्देश पर ही उसका पति रिश्वत की राशि लेने पहुंचा था। एसीबी की टीम अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि भ्रष्टाचार से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है और आने वाले समय में भी ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

